Tag Archives: ZEENAT SHAMS

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बेरोज़गारी के दानव का बढ़ता आकार और सरकार

ज़ीनत क़िदवाई बीजेपी की सरकार ने 2014 में में 2 करोड़ लोगों को हर साल नौकरी देने का वादा किया था| इसी मुद्दे पर वह प्रचंड बहुमत प्राप्त कर बहुमत में आई
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मोबाइल मुद्दे पर अखिलेश ने मारी बाज़ी

ज़ीनत क़िदवाई योगी सरकार क्या विपक्ष के दबाव में आ गयी है? क्योंकि जो सरकार कुछ समय पूर्व अपनी पूरी हठधर्मिता से अपने फैसलों पर अडिग रहती थी और विपक्ष की हर
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यह कैसी ईद?

ज़ीनत क़िदवाई रमज़ान के पवित्र माह में उपवास के बाद उपहार स्वरुप ईद मनाई जाती है | महीना भर लोग खुदा की इबादत करते हैं | इसबार कोरोना के कारण ईद भी
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नेपाल से बिगड़ते रिश्ते

ज़ीनत क़िदवाई भारत और नेपाल के बीच सम्बन्ध अनादिकाल से हैं | दोनों पड़ोसी देश हैं और इसके साथ ही दोनों देशों की धार्मिक, सांस्कृतिक, भाषाई और ऐतिहासिक स्थिति में बहुत अधिक
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मरता मज़दूर और आत्मनिर्भरता का डोज़

ज़ीनत शम्स श्रमिक वह है जो अपने शारीरिक और मानसिक बल पर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है| उद्योगपति इन्हीं श्रमिकों के दम पर बिजनेस टाइकून बनते हैं और सरकार
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कोरोना की नकारात्मकता में सकारात्मकता की तलाश

ज़ीनत शम्स दुनिया में लगभग 7. 8 अरब इंसान रहते हैं, इंसानों से अलग भी दुनिया में लगभग 8.7 करोड़ विभिन्न प्रकार की प्रजातियां रहती हैं जिनमें तरह तरह के जंगली जानवर,
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मदर्स डे स्पेशल–कोरोना का बोझ भी उठा लेगी माँ

ज़ीनत शम्स मदर्स डे मनाने का विचार सन 1870 में अमेरिका की जूलिया होव को आया था| हर वर्ष वह मदर्स डे मनाकर महिलाओं को प्रोत्साहित करती थीं| दस वर्षों तक जूलिया
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मज़दूर कहें या मजबूर

ज़ीनत शम्स लोकतन्त्र में शासक का कर्तव्य सर्वसाधारण के लिये न्याय की स्थापना करना है। एक संवेदनशील व्यक्ति ही न्याय को परिभाषित कर सकता है। कोरोना क्या आया मानो हमारे देश के
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धर्म के व्यवसाय पर कोरोना का कितना बड़ा प्रभाव?

ज़ीनत शम्स धर्म एक सामाजिक, सांस्कृतिक व्यवस्था है जो हमारे व्यवहार, नैतिकता, संसार और मानव जीवन का एक व्यापक विचार और मानवता को मिलकर बना है| धर्म में आस्था से अर्थव्यवस्था भी