Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

मतदान की तारीखों का ऐलान : पर क्या चुनाव होगा भी!

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) वर्तमान मामले में तो मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के प्रस्ताव पर पर्याप्त संख्या में सांसदों के हस्ताक्षर जमा होने के बाद, इसके किसी सदन में विचार के
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

साम्राज्यवादी अमेरिका का डर्टी गेम

(आलेख : राम पुनियानी) इज़रायल और अमेरिका का ईरान पर संयुक्त हमला बहुत विनाशकारी रहा है। ज़्यादातर युद्धों की तरह यह भी पूरी तरह क्रूर है। युद्ध का बहाना यह बताया गया
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

नरेन्दर भी गायब, सिलेंडर भी गायब, शर्म भी गायब!

राजनैतिक व्यंग्य-समागम विष्णु नागर मैं हाथ जोड़कर आप सबसे निवेदन करना चाहता हूं कि ‘नरेन्दर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ का नारा मत लगाओ सांसद भाइयों-बहनों! नरेन्दर की सिलेंडर से तुक तो
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

नीतीश की विदाई या जदयू का सफाया

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) नाटक के पहले अंक में, बिहार के मुख्य मंत्री पद पर बने रहते हुए, नीतीश कुमार ने राज्यसभा की सदस्यता के लिए चुनाव के लिए अपना पर्चा भरा।
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

गैस सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि : इस 7 लाख करोड़ रूपये का हिसाब कौन देगा?

नागरिक परिक्रमा(संजय पराते की राजनैतिक टिप्पणियां) मोदी सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में भारी वृद्धि की है। अब 924 रूपये वाला गैर सब्सिडी घरेलू सिलेंडर 924 रूपये की
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

नेतन्याहू से नाता : आखिर ये रिश्ता क्या कहलाता है?

(आलेख : बादल सरोज) यह समय बहुत ही असामान्य और अभूतपूर्व समय है। राजेश जोशी एक छोटी सी कविता ‘शांति की अपील’ में कहते हैं कि “जब तक मैं एक अपील लिखता
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

गलगोटिया कांड : बीजेपी-मोदी के भारत में झूठ का पर्दाफाश

(आलेख : अपूर्वानंद) दिल्ली में लगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मेले में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा एक चीनी रोबोट को अपना ‘आविष्कार’ बतलाकर प्रदर्शित किए जाने के बाद से देश और विदेश में गलगोटिया यूनिवर्सिटी
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

भारत में कमजोर हो रहे लोकतंत्र पर चिंताएं

हाल के वर्षों में भारत में लोकतंत्र के स्वास्थ्य को लेकर बहस तेज़ हुई है। स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के क्षरण संबंधी चिंताएँ न तो हाशिए की हैं और न ही केवल दलगत
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

समानता बनाम मनुवाद : यूजीसी नियमावली और जाति वर्चस्व का प्रतिरोध

(आलेख : विक्रम सिंह) जाति प्रथा कितनी घृणित और अमानवीय है, यह हमारे देश में बताने की ज़रूरत नहीं है। दलितों पर रोज़ होने वाले अमानवीय अत्याचार और उनके साथ पशुओं से
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

प. बंगाल : सवाल उनके, जवाब हमारे

(आलेख : शमिक लाहिड़ी, अनुवाद : संजय पराते) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पास आ रहे हैं। वामपंथी पार्टियों, खासकर सीपीआई(एम) पर मीडिया की कड़ी नज़र है, जिससे उनकी मौजूदा राजनीतिक स्थिति के