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भारत में आसन्न आर्थिक संकट की प्रकृति और इसके संभावित प्रभाव

एस आर दारापुरी आई.पी.एस. (से.नि.) प्रस्तावना वर्तमान समय में भारत को विश्व की सबसे तेज़ी से विकसित होती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। सरकारी वक्तव्यों, कॉरपोरेट रिपोर्टों तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय
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वोट देना अब विशेषाधिकार, हर नागरिक को उपलब्ध नहीं

(आलेख : अपूर्वानंद) 2026 में नई विधानसभाओं के लिए 5 राज्यों में हुए चुनाव के नतीजों की सबसे बड़ी खबर यह है कि सार्वभौम वयस्क मताधिकार के विचार को गहरे कब्र में
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अब बंगाल में हिंसा का रामराज्य!

(आलेख : संजय पराते) भाजपा की नई सरकार ने अभी शपथ ग्रहण किया भी नहीं है कि प. बंगाल में हिंसा का नया दौर शुरू हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट का यह
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केंद्रीय सत्ता की जीत, जनतंत्र की हार!

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) विधानसभा चुनाव के मौजूदा चक्र के संबंध में और खासतौर पर प. बंगाल के संबंध में जो बदतरीन आशंकाएं जतायी जा रही थीं, सच साबित हुई है। भाजपा
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पालतू सूअर : नफरत की राजनीति का नया हथियार

(आलेख : राम पुनियानी, अनुवाद : अमरीश हरदेनिया) दिल्ली के त्रिनगर के निवासी कुछ हिन्दू परिवारों ने पूजा-अर्चना का एक नया तरीका ईजाद किया है। इसका एक लाभ यह है कि इससे
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नारी वंदन का घड़ियाली क्रंदन

(आलेख : बादल सरोज) 17 अप्रैल की शाम देश की लोकसभा ने एक खतरनाक साजिश को ठुकरा दिया। पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के बीचों-बीच विशेष अधिवेशन बुलाकर मोदी सरकार ने 131वें
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हवाई चप्पल वाले विमान में या हवाई सेवाएं जमीन पर!

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) बुनियादी सुविधाओं के मामले में आर्थिक सामर्थ्य के इस संकट का, मांग का संकट बनकर इस तरह सामने आ खड़ा होना, खासतौर पर नव-उदारवादी आर्थिक व्यवस्था के अपनाए
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विश्व गुरु न सही, विश्व मित्र तो मान लो यारो!

राजेंद्र शर्मा भाई ये तो सरासर चीटिंग है। मोदी जी के साथ, बल्कि उनके वाले भारत के साथ ही चीटिंग है। बताइए, ये लोग अब मोदी जी को विश्व मित्र मानने से
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पश्चिम एशिया पर संसद में मोदी : बोले तो खूब, मगर कहा कुछ नहीं

(आलेख : बादल सरोज) पूरी दुनिया को चितित और स्तब्ध कर देने वाले युद्ध – जिसे युद्ध कहना भी सही नहीं है, जो दुनिया के दो सबसे बनैले भेडियों इजरायल और अमरीका
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एक ग़ैरबराबरी का समझौता, जो औपनिवेशिक दौर की याद दिलाता है

(आलेख : प्रभात पटनायक, अनुवादक : राजेंद्र शर्मा) हम अगर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विशिष्ट प्रावधानों को अलग भी रख दें, तब भी इस समझौते की दो ऐसी असामान्य विशेषताएं हैं, जो