(आलेख : शमिक लाहिड़ी, अनुवाद : संजय पराते) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पास आ रहे हैं। वामपंथी पार्टियों, खासकर सीपीआई(एम) पर मीडिया की कड़ी नज़र है, जिससे उनकी मौजूदा राजनीतिक स्थिति के
(आलेख : राजेंद्र शर्मा) आखिरकार, हिमांत बिश्वशर्मा ने और अकेेले विश्व शर्मा ने ही नहीं, उनके नेतृत्व में भाजपा की असम इकाई ने भी, भारतीय संविधान को खुली चुनौती दे ही दी।
(आलेख : राजेन्द्र शर्मा) अगर यह संयोग था, तब भी बहुत-बहुत कुछ उजागर करने वाला संयोग था। 26 जनवरी को, जब देश एक गणतंत्र के रूप में अपने रूपांतरण के 76 साल
(आलेख : सवेरा, अनुवाद : संजय पराते) एक पुरानी बुराई, जो भारतीय समाज को परेशान कर रही है, उच्च शिक्षा में इसके कुछ प्रभावों को कम करने के लिए एक दशक लंबा
राजेंद्र शर्मा एक तो 30 जनवरी की तारीख के बावजूद, तीस जनवरी वाली कोई बात नहीं थी। न मुकर्रर वक्त पर साइरन के जरिए पुकार और न जगह-जगह लाउडस्पीकरों से ‘‘दे दी
(आलेख : राम पुनियानी, अनुवाद : अमरीश हरदेनिया) इस साल शहीद दिवस (30 जनवरी 2026) पर महात्मा गांधी को याद करते हुए हमें यह एहसास भी है कि गांधीजी के मूल्यों और
(आलेख : सागर) 13 अप्रैल 2023 को, संविधान निर्माता डॉ. भीम राव आंबेडकर की जयंती के एक दिन पहले, सुप्रीम कोर्ट के आंबेडकरवादी वकीलों ने कोर्ट के पुस्तकालय में पुष्पांजलि अर्पण का
(आलेख : राम पुनियानी, अनुवाद : अमरीश हरदेनिया) भारतीय संस्कृति क्या है? क्या वह विशुद्ध हिन्दू संस्कृति है या फिर कई संस्कृतियों का मिश्रण है? इन दिनों इस तरह के कई सवाल