Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

अपनी भाषा हिन्दी पर गर्व करें

-फ़िरदौस ख़ान हर भाषा की अपनी अहमियत होती है। फिर भी मातृभाषा हमें सबसे प्यारी होती है, क्योंकि उसी ज़ुबान में हम बोलना सीखते हैं। बच्चा सबसे पहले मां ही बोलता है।
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

‘भारत जोड़ो यात्रा’: बोहनी तो अच्छी हुई

-योगेन्द्र यादव यात्रा कैसी चल रही है? कुछ असर दिखाई दिया? चुनाव में फायदा होगा? कुछ हासिल होगा भी या नहीं? जब से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कन्याकुमारी से रवाना हुई है तब
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

जनांदोलनों और राजनीतिक दलों की ऊर्जा जोड़ने की जरूरत

योगेंद्र यादव जैसे ही संयुक्त किसान मोर्चा की समन्वय समिति से मेरे इस्तीफे की खबर चलनी शुरू हुई, कई शुभचिंतकों के फोन आने शुरू हो गए: ‘क्या हुआ? कोई मनमुटाव हो गया
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

भारत जोड़ो का दर्शन : वो तोड़ेंगे, हम जोड़ेंगे

योगेंद्र यादव नए भारत जोड़ो का क्या चक्कर चलाया है, आंदोलनजीवी जी? किस भारत को जोड़ोगे आप? देख नहीं रहे, राष्ट्र तो अपने आप एकजुट हो रहा है। आपको देश जोडऩे की
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

प्रतिपक्ष खड़ा करने की शुरुआत है भारत जोड़ो यात्रा

योगेंद्र यादव देश को एक पुल की ज़रूरत है, एक ऐसे राजनीतिक पुल की जो विपक्षी राजनीतिक दलों को जमीनी आंदोलनों से जोड़े. पिछले हफ्ते एक झलक मिली कि ऐसा पुल अपने
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

इस्लामी तक़वीम का दूसरा महीना सफरूल मुज़फ़्फ़र

मोहम्मद आरिफ नगरामी इस्लामी तकवीम का आगाज मोहर्रमुल हराम से होता है जिसका दूसरा महीना सफरूल मुजफ्फर है। मुसलमानों की कुछ तादाद इस महीने को मनहूस समझती है और बहुत सारी तकरीबात
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

बिलकीस बानो अगर बिमला देवी होती?

-योगेन्द्र यादव 15 अगस्त से बार-बार मेरे जेहन में ही हिंदी के महान कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की प्रसिद्ध कविता ‘देश कागज पर बना नक्शा नहीं होता’ गूंज रही है। इधर देश
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

बड़ी बात रखने और फेंकने का फ़र्क

-योगेन्द्र यादव प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि आज़ादी की अमृत जयंती के अवसर पर हम सिर्फ अतीत का गुणगान न करें, बल्कि आने
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

देश की आजादी में उलमाओं के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता

डॉक्टर मोहम्मद नजीब कासमी सम्भली भारत में विभिन्न रंगों के, विभिन्न भाषा बोलने वाले और विभिन्न धर्मों के मानने वाले लोग लम्बे समय से रहते चले आ रहे हैं। मक्का मुकर्रमा में
Tweet about this on TwitterShare on LinkedInEmail this to someoneShare on FacebookShare on Whatsapp

देश की आजादी के लिए जाम-ए-शहादत पीने वाले ओलेमा

हर साल की तरह इस साल भी जश्न-ए-आजादी के मौके पर पूरे भारत में सभी रियासती सरकारें चाहे वह दांए बाजू की पार्टी हों या बाऐं बाजू की हों, या नाम निहाद