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आरोग्य जीवन केवल आयुर्वेद से ही सम्भव

डाॅ0 शिव शंकर त्रिपाठी ‘’शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’’धर्म का प्रमुख साधन शरीर है, यदि शरीर स्वस्थ नहीं है तो हम धर्म (नियमित कार्यों) का पालन सुचारू रूप से नहीं कर सकते हैं अतः
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बसपा की भाजपा से फिर शुरू हुई गलबहियाँ

उमाकांत श्रीवास्तव बहन जी,अब आप चाहकर भी इस सच को झुठला नहीं सकतीं कि आपने राज्यसभा की एक सीट के बहाने भाजपा से खुलेआम गलबाहियाँ की हैं। आंकड़े इस बात की गवाही
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क्या अमरीका से ट्रम्पवाद भी चला जाएगा?

ज़ीनत सिद्दीक़ी “दूसरे राष्ट्रपति चुनाव में जीतते ही वाइट हाउस में रणनैतिक मामलों के पूर्व अधिकारी स्टीव बेनन ने कहा कि डॉक्टर अन्थोनी फ़ाऊची और एफ़बीआई के प्रमुख क्रिस्टोफ़र रे का सिर
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बिहार चुनाव: तेजस्वी का बढ़ता क़द, बदलती इमेज

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव 1977 के लोकसभा चुनाव में 29 साल की उम्र में छपरा से सांसद चुने गए थे। लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव 26 साल की
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प्यारे नबी स० की सुनहरी तालीमात व क़ीमती पैग़ामात

डॉक्टर मुहम्मद नजीब क़ासमी मुसलमानों के पेशवा और आखिरी नबी हजरत मोहम्मद मुस्तफा स० के कार्टूनों को सरकारी इमारतों पर चस्पां करने की फ्रांसीसी हुकूमत की जलील हरकत ना सिर्फ काबिले मजम्मत
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वाल्मीकि जयंती के बहाने हिन्दूवाद को बढ़ावा

आरएसएस के जाल से मुक्ति बिना वाल्मीकि समाज का स्वतंत्र विकास नहीं राजनीतिक नुकसान की भरपाई के लिए हुआ है सरकारी स्तर पर वाल्मीकि-जयंती मनाने का फैसला (कँवल भारती) उत्तरप्रदेश की भगवा
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सिप्ला के संस्थापक, ख़्वाजा अब्दुल हमीद

1898 को अलीगढ़ में जन्मे ख़्वाजा अब्दुल हमीद देश के उन गिन-चुने शिक्षित मुस्लिमों में थे, जिन्हें विभाजन के बाद मोहम्मद अली जिन्ना अपने साथ पाकिस्तान ले जाना चाहते थे, पर वे
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तौहीने रिसालत की सजा के लिए आलमी कानून बनाया जाए

डॉक्टर मुहम्मद नजीब क़ासमी मगरिबी मुल्कों में इस्लाम मुखालिफ अनासिर की तरफ से बार बार रहमतुल लिल आलमीन आखरी नबी हुजूरे अकरम सल्लललाहुअलैहे व सल्लम के कार्टून बनाकर दुनिया में अम्न व
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योगी सरकार मनाएगी वाल्मीकि जयंती पर क्यों?

एस आर दारापुरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट एक समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार योगी सरकार इस बार उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर वाल्मीकि जयंती मनाएगी। मुख्य सचिव
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क्या वर्तमान दलित राजनीति का स्वर्णिम युग है?

-एस आर दारापुरी हाल में एक साक्षात्कार में चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने कहा है कि वर्तमान दलित राजनीति का स्वर्णिम काल है। वैसे आज अगर दलित राजनीति की दश और दिशा