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गांधी जी के सिद्धांतों पर चलकर बदला जा सकता है तशद्दुद और असहिषूणता माहौल

डॉक्टर मुहम्मद नजीब क़ासमी हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतीक और देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म आज से 151 वर्ष पहले 2 अक्टूबर 1869 में
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खतरे के दौर से गुजर रही भारतीय संस्कृति और सभ्यता

अखिलेन्द्र प्रताप सिंह पिछले दिनों वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने वामपंथ के विरोधाभास पर मेरा एक इंटरव्यू लिया था और उनके सवाल के जवाब में मैंने कहा था कि मैं भारतवर्ष में
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(स्मृति शेष) -भीखाजी कामा : प्रथम राष्ट्रीय ध्वज निर्मात्री

दीवान सुशील पुरी मैडम भीखाजी कामा जी का जन्म 24 सितंबर,1861 में नवसारी बम्बई अब मुंबई के पारसी परिवार में हुआ था। उनके पिताजी का नाम श्री भीखाजी रुस्तम था। वह बड़े
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क्या भारत एक पुलिस स्टेट बन गया है?

एस आर दारापुरी आईपीएस (सेवानिवृत्त) राष्ट्रीय प्रवक्ता, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट लेखक, स्टीवन लेविट्स्की और डैनियल ज़िब्लाट ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “हाउ डेमोक्रेसीज़ डाई: व्हाट हिस्ट्री रिवीलज़ फ़ॉर फ्यूचर” में कहा है
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बहुजन राजनीति के उद्भव और पतन की कहानी के कुछ सूत्र

-कँवल भारती (नोट: यद्यपि यह लेख 2018 का है परंतु कंवल भारती का 2019 के चुनाव में भी बहुजन राजनीति की दुर्दशा का आंकलन बिल्कुल सही निकला।– एस आर दारापुरी) यह कहानी
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कुरआन करीम में इंसानियत की हिदायत का पैगाम ही तो है

डॉक्टर मुहम्मद नजीब क़ासमी कुछ दिनों पुर्व “स्वीडन” में कुरआन करीम की प्रति जलाने की निंदनीय प्रयास की गई। पिछले वर्ष भी युरोप के ही एक दूसरे देश “नारवे” में इस प्रकार
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बैंक लगा रहे है पीएम, सीएम स्वरोज़गार योजनाओं को पलीता

लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी राज्य मुख्यालय लखनऊ।भूख , ग़रीबी व मजबूरी यह ऐसे शब्द है कहने में और सुनने में बहुत अच्छे लगते है नेताओं द्वारा बड़े-बड़े भाषण दिए जाते है जिसे
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हिन्दी को भी चाहिए संक्रमण से मुक्ति

विनोद बंसल किसी राष्ट्र को समझना हो तो उसकी संस्कृति को समझना आवश्यक है. उसकी संस्कृति को समझने हेतु वहां की भाषा का ज्ञान भी आवश्यक है. विश्व के लगभग सभी देशों
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भारत में अधिकतर पुलिस जातिवादी और सांप्रदायिक है

-एस.आर. दारापुरी दिसंबर 2018 में, महाराष्ट्र के एक पुलिस अधिकारी भाग्यश्री नवटेके की एक वीडियो रिकॉर्डिंग वायरल हुई, जिसमें वह दलितों और मुसलमानों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने और उन्हें प्रताड़ित
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यूपी के सियासी संग्राम में शह और मात का खेल शुरू

लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी राज्य मुख्यालय लखनऊ।सियासी खेल भी अजब ग़ज़ब होते है जनता इनके सियासी खेल का हिस्सा होती है इसमें जनता यह नहीं समझ पाती कि हमारी बात कर कौन