लखनऊ
भारतीय समन्वय संगठन (लक्ष्य) की महिला टीम ने “लक्ष्य गांव गांव की ओर” अभियान के तहत लखनऊ के बक्शी का तालाब क्षेत्र के गांव बरगदी का दौरा किया और बहुजन समाज के लोगों के साथ भीम चर्चा की ।

मान्यवर कांशीराम साहब ने अपनी ईमानदारी, कड़ी मेहनत, लगन, निडरता और समाज के प्रति समर्पण से अंबेडकर आंदोलन को ऊंचाइयों पर स्थापित कर दिया था, जहां मांगने वाले समाज को देने वाला समाज बना दिया अर्थात् सही मायने में मान्यवर कांशीराम साहब ने व्यवहारिक तौर से बहुजन समाज की हजारों सालों की गुलामी की जंजीरों को तोड़ दिया। यह बात लक्ष्य की महिला कमांडरों ने अपने संबोधन में कही l

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मान्यवर साहब के बाद बहुजन समाज के नेताओं ने अपनी जिम्मेदारी में कोताही बरतनी शुरू कर दी और धीरे धीरे वे समाज के दुखदर्द के बजाए अपने स्वार्थ में लिप्त होने लगे, कोठी बंगले, बड़ी बड़ी गाड़ियां या यूं कहे कि वे रहीशों वाला जीवन जीने लगे जिनके वोट पर वे बड़े हुए उन्ही को वो भूल गए अर्थात् वे बहुजन समाज के अधिकारों पर चुप्पी साधने लगे और आंबेडकरवाद के बजाए वे मनुवाद का संख बजाने लगे अब इनको भी बहुजन समाज के लोगों में से बू आने लगी, आए भी क्यों ना क्योंकि वे अब नव ब्राह्मण जो हो गए है, उनका आर्थिक स्तर जो ऊंचा हो गया है। वे भूल गए है कि वे कहां से और किनके लिए वहां आएं है l अपने स्वार्थ में अब उनको मनुवाद के पाले में जाने में भी कोई गुरेज नहीं है। वे इसके लिए तरह तरह की परिभाषा देते भी सुने जा सकते है l

लक्ष्य कमांडरों ने कहा कि अब बहुजन समाज के नेता मिशन को कम, कमीशन को ज्यादा पहचानते है जिसका परिणाम हम सब के सामने है ।
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के लोग अंबेडकर आंदोलन को मरने नही देंगे। मान्यवर कांशीराम साहब की तर्ज पर बहुजन समाज के घर घर गांव गांव जाकर उनको महापुरुषों के संघर्ष को बताएंगे ताकि देश में अंबेडकरवाद की गूंज जोर शोर से सुनाई दें ।

इस भीम चर्चा में लक्ष्य कमांडर संघमित्रा गौतम,रश्मि गौतम व पुष्पा भारती ने हिस्सा लिया ।