तौसीफ कुरैशी राज्य मुख्यालय लखनऊ।उत्तर प्रदेश में वैसे तो विधानसभा चुनाव में एक साल से अधिक का समय है लेकिन यूपी की सियासत अभी से गर्म होने लगी हैं। उत्तर प्रदेश में
आतंक की फैक्टरी, पाकिस्तान में एक बार फिर हज़ारा मुस्लिमो का कत्लेआम हुआ । हर दो चार महीनों में एक खबर आती है कि आतंकियों ने हज़ारा समुदाय के निर्दोष लोगों की
लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी राज्य मुख्यालय लखनऊ। देखा जाए तो इस महीने में होने वाली बारिश की एक-एक बूँद को खुदा का इनाम माना जाता है और वास्तव में है भी क्योंकि
तीनों कृषि क़ानूनों को लेकर सरकार और किसानों के बीच बैठकों का दौर जारी है और आगे भी जारी रहेगा क्योंकि किन्ही मजबूरियों के चलते सरकार का रुख अड़ियल है तो अपने
राजेश सचान किसान आंदोलन के 38 वें दिन कल सुबह गाजीपुर बार्डर में प्रदर्शन स्थल से एक किसान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की विचलित करने वाली खबर आयी है। अब तक
यौमे वफात 31 दिसम्बर पर खुसुसी मजमून आरिफ़ नगरामी सरजमीने हिन्द इस बात पर जितना फख्र व नाज करे कम है उसने ऐसे गैय्यूर उमला, व दाअयाने इस्लाम, जलीलुल मरतबत दानिशवर, बुलंदपाया,
नए कृषि कानून और किसानों के आंदोलन के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के रवैये से नाराज होकर शनिवार को राजस्थान में बीजेपी की सहयोगी रही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने
जयंती 26 दिसम्बर पर विशेष दीवान सुशील पुरी अंग्रेजों के चूले हिलाने वाले उधम सिंह को जालियाँवाला बाग की दुर्घटना देखी नहीं जा सकी थी, क्योंकि वह बड़े भावुक प्रवृति के थे।
आरिफ़ नगरामी महान उर्दू लेखक, आलोचक, कवि और उपन्यासकार शम्सुर रहमान फारुकी अब हमारे बीच नहीं रहे। फारुकी अस्वस्थ थे और हाल ही तक उनका दिल्ली में इलाज चल रहा था। जब