इस्लाम और सॉफ्टवार के बारे में युवाओं को दी जानकारी

इस्लाम और सॉफ्टवार के बारे में युवाओं को दी जानकारी

लखनऊ : मजलिसे ओलमाये हिन्द के बैनर तले आयोजित हो रहे साप्ताहिक दीनी समर कलासेज के चौथे दौर का आगाज कार्यालय मजलिसे ओलमाये हिन्द इमामबाड़ा गुफ्राॅनमआब में तिलावत ए कुरआन ए करीम से हुआ। पहले लेकचर में मौलाना हैदर अब्बास ने इस्लाम और सॉफ्टवार के विषय पर युवाओं के बीच लेकचर दिया। मौलाना ने अपने लेकचर में मीडिया के महत्व और उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला वहीं यह भी विश्वास के साथ बयान किया कि कैसे मीडिया अपने दायित्वों और जिम्मेदरियों से दूर होकार साम्राज्यवादी शक्तियों का उपकरण बन गया है। जिस तरह रोजमर्रा की जिंदगी में टीवी चैनलों और समाचार चैनलों के साथ सोषल मीडिया और इंटरनेट ने नकारात्मक और सकारात्मक प्रभाव किए हैं यह विचारणीय प्रक्रिया है ।तारीखी तथ्यों को दैनिक अपीसोड में मनोरजंन के नाम पर कैसे विकृत किया जा रहा है ।मसलकी नफरतों व साम्प्रदायकता को न्यूज के नाम पर बढावा दियां जा रहा है ।कंपनियाँ उत्पादों के प्रचार के नाम पर लड़कियों का जिसमानी और मानसिक शोषण कर रही हैं और अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है, महिलायें विकास के नशे में शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बन रही है । मुखतसर ये कि युवा पीढ़ी को विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया गया है। मीडिया के महत्व और उपयोगिता से इनकार संभव नहीं है, लेकिन इस समय वैश्विक स्तर पर मीडिया द्वारा सैद्धांतिक और वैचारिक युद्ध को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह जमाना नये और खतरनाक हथियारों के आविष्कार के साथ सैद्धांतिक और सांस्कृतिक आक्रमण के नाम से जाना जाता है। ऐसे में अगर युवा इस्लामी सिद्धांतों के प्रकाश में अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध नहीं होगा तो साम्राज्यवादी और विध्वंसक ताकतों का  उपकरण बन जाएगा जैसा के अभी हो रहा। इस वैचारिक-सांस्कृतिक आक्रमण में दुश्मन का ना पैसा खर्च होता है और न ऊर्जा खर्च होती है लेकिन हम इन हालात पर नजर रखने के बजाय खुद फरेबी का षिकार हैं। हमें कुरआन और सुन्नत ए इमामों की पैरवी द्वारा इस वैचारिक-सांस्कृतिक युद्ध में दुश्मन को पराजित करना होगा।

दूसरा लेकचर मौलाना इस्तेफा रजा ने दिया। मौलाना ने तोहीद षनासी यानी ख्ुदा को केये पेहचानें के विषय पर युवाओं को संबोधित किया कि आखिर किस तरह नई पीढ़ी विभिन्न क्षेत्रों में धर्म और ख्ुादा से निराश होकर दूर होती जा रही है। इस धर्म औश्र खुदा से दूरी के क्या कारण हैं इस पर मौलाना ने विस्तार से युवाओं को आगाह किया । आगामी 10 अप्रैल रविवार को मौलाना नकी असकरी इज्तेहाद और तकलीद की जरूरत क्यों  है और अखबारियत की सच्चाई क्या है के विषय पर लेकचर देंगें। मालूम हो के यह धार्मिक कलासेज का चैथा दौर है। इस बार इन कलासेज में लड़कियां भी भाग ले रही हैं।

Lucknow, Uttar Pradesh, India