कोलकाता में निर्माणाधीन पुल गिरा, 18 मज़दूर मरे

कोलकाता में निर्माणाधीन पुल गिरा, 18 मज़दूर मरे

मलबे में करीब 150 लोगों के दबे होने की आशंका है

कोलकाता: उत्तरी कोलकाता के गणेश टॉकीज के पास एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर का हिस्सा करीब 12.30 बजे पर गिर गया। इस हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत की आशंका है। एनडीआरएफ की दो टीमें (करीब 80 लोग) और सेना की चार टुकड़ियां बचावकार्य में जुटी हुई हैं। इसके अलावा सेना की 3 मेडिकल टीमें और  इंजीनियरों की टीमें भी मौके पर हैं। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1070 भी जारी किया गया है।

चश्मदीद का कहना है कि इस फ्लाईओवर के नीचे करीब 150 लोग दबे हुए हैं। यह बहुत ही घना बसा हुआ इलाका है, जिसकी वजह से राहत और बचाव कार्य में थोड़ी दिक्कत भी आ रही है। तस्वीरें बयान कर रही है कि यह हादसा कितना बड़ा है।

मुख्य सचिव और गृहसचिव मौके पर मौजूद हैं। वहीं सीएम ममता बनर्जी अपना चुनावी दौरा छोड़कर मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया।

सेना की टीम बचाव अभियान में जोर-शोर से जुटी है। सेना ने अब तक पांच कॉलम जवान भेजे हैं। गौरतलब है कि एक कॉलम में 55 से 70 जवान होते हैं। इसके अलावा तीन मेडिकल टीम, 10 एम्बुलेंस और सर्जन भेजे जा चुके हैं। एक इंजीनियर्स की टीम भी है जिनके पास क्रेन और जेसीबी मशीन है। दो अतिरिक्त टीमें गैस कटर्स के साथ भेजी गई हैं ताकि जरूरत के मुताबिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

सेना के इंजीनियर्स की टीम मेट्रो, रेलवे और पुल बनाने वाली कंपनी से संपर्क में है ताकि इलाका बहुत संकीर्ण होने से पहुंचने में दिक्कत न हो। बंगाल एरिया के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव तिवारी खुद दुर्घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं। जनरल तिवारी हालात पर नजर रखे हुए हैं। सेना का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो और जवान और साजोसमान भेजा जा सकता है।    

स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर का हिस्सा गिरने के दौरान बहुत तेज आवाज आई, जैसे कोई बम फटा हो। सारा इलाका धूल में भरा दिखाई दे रहा था। राहत और बचाव का काम चल रहा है।

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने एनडीटीवी से बातचीत में ममता सरकार पर आरोप लगाया कि इस फ्लाईओवर का निर्माण कानून का उल्लंघन करके हो रहा था, वह भी बिना किसी सही प्लानिंग के। यह पूरी तरह से राज्य सरकार की लापरवाही है। रिहाइशी इलाके में आप फ्लाईओवर बनाने की प्लानिंग भी कैसे कर सकते हैं। यह घरों की खिड़कियों तक को छू रहा था। मेरी आंटी वहां रहती हैं।

पूरा पश्चिम बंगाल इस समय चुनावी मूड में है। इस समय इस फ्लाईओवर का गिरना बड़ा सियासी बवंडर भी है। इस विवेकानंद फ्लाईओवर को लेकर स्थानीय लोग विरोध करते रहे हैं। यह पुल लगभग छह साल से बन रहा था, लेकिन पिछले दो साल से इसका काम रुका हुआ था। सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि यह फ्लाईओवर फरवरी तक चालू हो जाएगा। उसके बाद फिर से इस ब्रिज के बनने का काम शुरू हुआ था।

इस फ्लाईओवर का ठेका हैदराबाद की कंपनी को 2009 में दिया गया था। यह डेढ़ साल में पूरा होना था और इसका बजट 164 करोड़ था। इसकी लंबाई 2.2 किलोमीटर है।

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