भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण एमओयू का नहीं कर रहा है अनुपालन

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण एमओयू का नहीं कर रहा है अनुपालन

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री को लिखा पत्र

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारत सरकार से मेरठ, मुरादाबाद एवं फैजाबाद की नागर विमानन परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को आवश्यक निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया है ताकि इनका पूरा लाभ प्रदेश की जनता को शीघ्र प्राप्त हो सके।

केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री  पी0 अशोक गजपति राजू को इस सम्बन्ध में लिखे गये एक पत्र में मुख्यमंत्री ने उन्हें अवगत कराया है कि राज्य सरकार प्रदेश में नागर विमानन को बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्प है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में स्थापित नागरिक हवाई अड्डों के विकास के लिए आवश्यक भूमि निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती रही है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से भी हवाई पट्टियों का भी निर्माण कराया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 2 नागरिक हवाई अड्डे, 8 भारतीय वायुसेना के हवाई अड्डे तथा 16 राजकीय हवाई पट्टियां निर्मित हैं। साथ ही, जनपद आगरा एवं कुशीनगर में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और कानपुर देहात में एक नई हवाई पट्टी के निर्माण की परियोजना कार्यान्वित की जा रही है।

भारत सरकार के अधीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में नागर विमानन को और अधिक उन्नत एवं विकसित करने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में एक कार्य योजना राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। इसके तहत प्रदेश में स्थित नागरिक हवाई अड्डों/वायुसेना के हवाई अड्डों के विकास के साथ-साथ नये हवाई अड्डे स्थापित किए जाने की परियोजनाएं शामिल थी। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार से आवश्यक भूमि निःशुल्क एवं समस्त भारमुक्त रूप में उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई थी।

श्री यादव ने अवगत कराया है कि इस मांग के अनुसार राज्य सरकार जनपद मेरठ, मुरादाबाद एवं फैजाबाद की राजकीय हवाई पट्टियों को नागरिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित किए जाने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को यथास्थिति में हस्तान्तरित करने एवं इनके आवश्यक विकास हेतु अतिरिक्त भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने के लिए सिद्धान्ततः सहमत हुई थी। इसके अलावा, जनपद आगरा, इलाहाबाद, कानपुर नगर एवं बरेली स्थित भारतीय वायुसेना के हवाई अड्डों पर नये सिविल इन्क्लेव की स्थापना हेतु आवश्यक भूमि निःशुल्क भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को उपलब्ध कराए जाने की सहमति भी राज्य सरकार द्वारा दी गयी थी। इन 07 परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच अलग-अलग ‘मेमोरेण्डम आॅफ अण्डरस्टैण्डिंग’ (एम0ओ0यू0) पर हस्ताक्षर किये गये थे। माह जुलाई, 2014 में तीनों हवाई पट्टियां भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित की गयीं। इन हवाई पट्टियों के विकास के लिए आवश्यक भूमि आपसी समझौते के आधार पर क्रय करने के लिए सम्बन्धित जिलाधिकारियों को 182.55 करोड़ रुपये की धनराशि भी अवमुक्त कर दी गयी।

मुख्यमंत्री ने यह उल्लेख किया है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा ‘मेमोरेण्डम आॅफ अण्डरस्टैण्डिंग’ का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। आगरा, इलाहाबाद, कानपुर नगर एवं बरेली की परियोजनाओं को तो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा टेक-अप कर लिया जाएगा, परन्तु मेरठ, मुरादाबाद एवं फैजाबाद की परियोजनाओं पर इतनी कार्यवाही होने के बाद अब यह अवगत गया है कि इन परियोजनाओं का आई0आर0आर0 (इन्वेस्टमेण्ट रिटर्न रेशियो) निगेटिव है। अतः यह योजनाएं अर्थक्षम ;टपंइसमद्ध नहीं हैं और नागर विमानन मंत्रालय से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरान्त ही प्राधिकरण द्वारा इन परियोजनाओं के विकास/निर्माण की कार्यवाही की जाएगी। इन योजनाओं पर इतनी अधिक कार्यवाही होने के उपरान्त ऐसा मत व्यक्त किया जाना न तो स्वीकार्य और न ही उचित है और यह ‘मेमोरेण्डम आॅफ अण्डरस्टैण्डिंग’ की शर्ताें का उल्लंघन भी है। इसके दृष्टिगत श्री यादव ने केन्द्र सरकार से प्राधिकरण को निर्देशित करने का अनुरोध किया है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India