सरकार की कथनी और करनी में फर्क नहीं: नाईक

सरकार की कथनी और करनी में फर्क नहीं: नाईक

राज्यपाल ने विधान मण्डल के दोनों सदनों के प्रथम सत्र के समवेत अधिवेशन को सम्बोधित किया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज यहां उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के वर्ष 2016 के दोनों सदनों के प्रथम सत्र के लिए आहूत एक साथ समवेत अधिवेशन को सम्बोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में चल रही राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए सदस्यों से सरकार को प्रदेश को विकास और खुशहाली के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाने में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनता की तरक्की के लिए एक ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां से प्रगति के अनेक पथ निकलते हैं। सरकार की कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है। आज सभी यह मानते हैं कि राज्य सरकार ने जनता से किए गए लगभग सभी वायदों को पूरा किया है। 

राज्यपाल ने सरकार की कार्यप्रणाली की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक वर्ष जनता के सामने विकास का एजेण्डा रखते हुए उन्हें पूरा करने के लिए असरदार कार्यवाही की है। पूरे प्रदेश की खुशहाली, प्रगति और संतुलित विकास के लिए एक ओर जहां बुनियादी सुविधाओं को बेहतर कर निवेश का माहौल बनाया गया है, वहीं सरकार के इन प्रयासों से विकास दर में बढ़ोत्तरी हुई है। विकास का लाभ समाज के हर तबके तक पहुंचाने के लिए किसानों, गांवों, मजदूरों और गरीबों की बेहतरी के लिए उदारतापूर्वक कार्य किए गए हैं। 

प्रदेश और देश की प्रगति गांव एवं किसान के बिना सम्भव नहीं है। इसीलिए वर्तमान वर्ष को किसान वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया गया। जब पिछले वर्ष मौसम के प्रहार से पूरे उत्तर भारत में किसानों को नुकसान उठाना पड़ा तो राज्य सरकार ने सबसे पहले और सबसे अधिक राहत की धनराशि किसानों तक पहुंचाने का काम किया। राज्य सरकार द्वारा केन्द्र से किसानों को सहायता देने के लिए जितनी धनराशि मांगी गई थी, महीनों बाद उससे आधी धनराशि भी उपलब्ध नहीं करायी गयी। इसके बावजूद बिना केन्द्र की मदद का इंतजार करते हुए, राज्य आकस्मिकता निधि की सीमा बढ़ाकर किसानों को मदद पहुंचाने का काम किया। केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के फलस्वरूप जब चीनी के दाम बाजार में गिरने लगे थे तो प्रदेश सरकार ने अपने बजट से किसानों को धनराशि मुहैया करायी ताकि उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। किसानों को समय से उर्वरक एवं बीज मुहैया कराने के अलावा लाखों किसानों को पंजीकृत कराकर सब्सिडी की धनराशि डी.बी.टी. योजना के तहत सीधे उनके बैंक खाते में प्रेषित की गई। राज्य सरकार के इस प्रयास की प्रशंसा भारत सरकार सहित अन्य संस्थाओं ने भी की। 

किसानों के लिए सिंचाई की मुफ्त व्यवस्था के ऐतिहासिक निर्णय के साथ-साथ सिंचाई परियोजनाओं को समय से पूरा कराने, नये ट्यूबवैल स्थापित करने और नहरों की सिल्ट सफाई की अच्छी व्यवस्था के कारण किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया गया। किसानों को उनकी उपज से अधिक मूल्य दिलाने तथा मण्डियों का तेजी से विकास कर इस वर्ग को लाभान्वित कराने का काम किया गया। गांवों के चैतरफा विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना, जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना तथा लोहिया ग्रामीण आवास योजना आदि के माध्यम से गांवों की तस्वीर बदलने की कोशिश की गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन जीने का मौका मिल रहा है। कामधेनु डेयरी परियोजना तथा कुक्कुट विकास नीति के माध्यम से सैकड़ों ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराए गए। पी.सी.डी.एफ. को सुदृढ़ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। अमूल और मदर डेयरी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इससे लाखों किसानों और पशुपालकों को लाभ मिलेगा। 

राज्यपाल ने कहा कि ‘108’ समाजवादी स्वास्थ्य सेवा तथा ‘102’ नेशनल एम्बुलेंस सर्विस को सफलतापूर्वक चलाते हुए इस सेवा में और अधिक एम्बुलेंस जोड़ने का काम किया गया। इन एम्बुलेंस सेवाओं से अब तक पूरे प्रदेश में करीब 1.28 करोड़ से अधिक लोगों को समय से इलाज उपलब्ध हो पाया है। इसके साथ ही राजकीय अस्पतालों और मेडिकल काॅलेजों की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की जा रही है। इस क्षेत्र में निजी निवेश को भी बढ़ावा दिया गया है, जिससे प्रदेश की जनता को कम मूल्य पर समय से इलाज की सुविधा मिल सके। गरीब परिवारों के लिए देश के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम- समाजवादी पेंशन योजना को लागू कर 45 लाख परिवारों को सीधे उनके बैंक खाते में धनराशि प्रेषित की जा रही है। 

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं की आशाओं एवं आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है। उन्हें सरकारी क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के अलावा कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षित करने का काम किया जा रहा है। शिक्षकों की भर्ती और शिक्षा मित्रों के समायोजन से जहां शिक्षकों की काफी हद तक कमी पूरी की गई है, वहीं तकनीक के इस्तेमाल और बेहतर पाठ्यक्रम से प्रदेश में शिक्षा का अच्छा माहौल बना है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘1090’ विमेन पावर लाइन सेवा का विस्तार किया गया है। एसिड अटैक पीडि़तों की बेहतर जिंदगी के लिए कई कदम उठाए गए हैं। युवतियों के बेहतर जीवन और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पंचायती उद्योग के माध्यम से सेनेट्री नैपकिन बनाने का अभिनव प्रयोग किया गया है। 

अवस्थापना को विकास की कुंजी बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से करा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस एक्सप्रेस-वे पर इसी वर्ष यातायात शुरू हो जाएगा। इसी प्रकार पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे भी बनाया जाएगा। इससे नई दिल्ली और आस-पास की समृद्धि और विकास का लाभ पूर्वी उत्तर प्रदेश को मिलने लगेगा। जिला मुख्यालयों को 4-लेन की सड़कों के माध्यम से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। लखनऊ मैट्रो रेल का निर्माण कार्य तेजी से कराते हुए इसी वर्ष इसका लाभ जनता को उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसके अलावा 4 अन्य नगरों में भी मैट्रो रेल चलायी जाएगी। बिजली के क्षेत्र में भी राज्य सरकार द्वारा काफी काम किया गया है। ऊर्जा के सालाना बजट में पिछली सरकारों की तुलना में तीन गुना अधिक वृद्धि की गयी है। इससे न केवल नये विद्युत उत्पादन केन्द्र स्थापित हुए हैं, बल्कि रिकाॅर्ड संख्या में पारेषण और वितरण के क्षेत्र में उपकेन्द्रों का निर्माण कराकर उन्हें क्रियाशील किया गया है।

पारम्परिक ऊर्जा के अलावा सौर ऊर्जा का उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना बढ़ाया गया। नये सोलर प्लाण्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट, स्कूलों में सोलर आर.ओ. वाॅटर, किसानों को सोलर फोटोवोल्टाइक पम्प आदि सभी क्षेत्रों में तेजी से काम किया गया है। बेहतर अवस्थापना, सेक्टर आधारित नीतियों और पारदर्शी तथा उत्साहजनक माहौल की वजह से बड़ी संख्या में उद्योग और निवेशक प्रदेश की ओर रुख कर रहे हैं। जहां सैमसंग, एच.सी.एल., आई.टी.सी., आईकिया जैसी विश्व प्रसिद्ध कम्पनियों प्रदेश में निवेश कर रही हैं, वहीं छोटे उद्यमी और व्यवसायी भी निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। 

राज्यपाल ने कहा कि आम जनमानस में सुरक्षा की भावना बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में कई कड़े कदम उठाए गए हैं। साम्प्रदायिक एवं शरारती तत्वों की कोशिशों के बावजूद प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाए रखा गया है। राज्य सरकार किसी भी स्थिति में प्रदेश के अमन-चैन, भाईचारा एवं साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रभावित नहीं होेने देगी। ऐसी किसी भी स्थिति से सख्ती से निपटने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्प है। अपराध नियंत्रण के लिए डायल-100 जैसी महत्वाकांक्षी योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की खुशहाली और विकास के लिए सरकार और समाज के प्रगतिशील तबके को मिलकर काम करना होगा। इसीलिए राज्य सरकार ने प्रतिभावान साहित्यकारों, कवियों, खिलाडि़यों तथ उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया है और उनको सरकार के साथ जोड़ने का काम किया है। पहली बार प्रदेश में प्रतिभाशाली अप्रवासी प्रदेशवासियों को सम्मानित कर उन्हें यू.पी. रत्न पुरस्कार से नवाजा गया। 

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने प्रयासों से तरक्की एवं प्रगति का नया सोपान कायम करने का काम किया है। प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिए अभिनव एवं व्यावहारिक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। निश्चित रूप से राज्य सरकार के इन प्रयासों का असर प्रदेश के विकास में दिखाई पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने विस्तार से मत्स्य, पशुपालन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, पंचायती राज विभाग, समग्र ग्राम विकास, नगर विकास, शिक्षा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, महिला कल्याण, राजस्व, वन, पर्यटन, पर्यावरण, संस्कृति, खेल, परिवहन, श्रम, आबकारी, खाद्य एवं रसद, वाणिज्य कर विभाग, न्याय, गृह आदि विभागों के बारे में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। 

Lucknow, Uttar Pradesh, India