एडएक्स ने बेनेट युनिवर्सिटी के साथ MoU हस्ताक्षरित किये

एडएक्स ने बेनेट युनिवर्सिटी के साथ MoU हस्ताक्षरित किये

बेनेट युनिवर्सिटी तथा हार्वर्ड युनिवर्सिटी एवं मैसाचुसेट्स इन्सटीट्यूट आॅफ टेकनोलोजी द्वारा स्थापित आॅनलाईन लर्निंग पहल एडएक्स  ने आज एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत एडएक्स बेनेट युनिवर्सिटी के लिए मैसिव ओपन आॅनलाईन पाठ्यक्रमों (‘MOOCs’)  का मुख्य विश्वस्तरीय प्रदाता होगा। इस क़रार की घोषणा हाल ही में गठित अन्तरराष्ट्रीय सलाहकार परिषद की मुम्बई में आयोजित पहली बैठक के दौरान की गई, जिसमें अग्रणी विश्वस्तरीय शिक्षाविदों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। 

एडएक्स और बेनेट युनिवर्सिटी दोनों एक संयुक्त पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को MOOCs उपलब्ध कराने के लिए आपसी समझौते के साथ एक योजना में काम करेंगे। इस सहयोगात्मक ढांचे के तहत एडएक्स अपनी फैकल्टी के माध्यम से बेनेट युनिवर्सिटी को पाठ्यक्रमों के निर्माण एवं संचालन में मदद करेगी, जिसके लिए बेनेट के फैकल्टी एवं स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तथा प्रासंगिक बुनियादी ढांचे एवं विशेषताओं (जैसे निजी कोहोर्ट) के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी। 

इस अवसर पर अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए विनीत जैन, प्रबन्ध निदेशक- बैनेट, कोलमैन एण्ड कम्पनी लिमिटेड तथ चांसलर-बेनेट युनिवर्सिटी ने कहा, ‘‘हमें एडएक्स के साथ इस क़रार की घोषणा करते हुए बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है। हमें विश्वास है कि उनकी विशेषज्ञता और विश्वस्तरीय पहुंच बेनेट युनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। यह भारतीय शिक्षा मंच पर एक ऐतिहासिक कदम है और मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह एडएक्स के साथ यह एसोसिएशन स्नातक की डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पहले दिन से उद्योग जगत के लिए तैयार करेगा।’’

श्री अनन्त अग्रवाल, सीईओ-एडएक्स एवं एमआईटी प्रोफेसर ने बताया, ‘‘एडएक्स में हम दुनिया भर के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने हेतू प्रतिबद्ध हैं और भारत हमारे लिए एक महत्वपूर्ण एवं विकसित होता हुआ बाज़ार है। हम बेनेट युनिवर्सिटी के साथ इस एसोसिएशन को लेकर बेहद ख्ुाश हैं। हमें विश्वास है कि टाइम्स ग्रुप की परम्पराओं के साथ बेनेट युनिवर्सिटी उन विद्यार्थियों के लिए लर्निंग के अवसरों का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिनके पास शिक्षा एवं उच्च गुणवत्ता के संसाधनों का अभाव है।’’