स्टार्ट अप इंडिया के बाद स्टैंड अप इंडिया

स्टार्ट अप इंडिया के बाद स्टैंड अप इंडिया

विशाखापत्तनम: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि सरकार आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया पूरी एकाग्रता के साथ जारी रखेगी जिन्हें आगे बढ़ाने में पिछले कुछ महीनों में सरकार के सामने मुश्किलें आई हैं.यहां सीआईआई पार्टनरशिप समिट को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा, ‘‘ यदि भारत को बढना है तो जाहिर है कि सरकारी और निजी क्षेत्र के निवेश में वृद्धि जरुरी है. समिट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, सरकार 'स्टार्ट अप इंडिया' के बाद 'स्टैंड अप इंडिया' लॉन्च करेगी. हमारे कुछ सुधार कार्यक्रम जो पिछले कुछ महीनों में आगे नहीं बढ सके हैं, उन्हें पूरी एकाग्रता के साथ आगे बढाना है.' उन्होंने कहा कि देश सुधारों के रास्ते से भटकने का जोखिम नहीं ले सकता और सुधारों की राह में हर राज्य को योगदान करना होगा.

गौरतलब है कि देश में वस्तु एवं सेवाकर (जीसटी)लागू करने के लिए प्रस्तावित विधेयक को राज्यसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के कडे प्रतिरोध के कारण पारित नहीं कराया जा सका है. जीएसटी को अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में अब तक का सबसे बडा सुधार माना जा रहा है.वित्त मंत्री ने राज्यों से अपील की कि वे कारोबार की सुगमता बढावें ताकि उनके यहां निवेशक आकर्षित हों.उन्होंने कहा कि निवेशक ‘चतुर' होते हैं और वे ‘नीतियों में स्थिरता और कारोबार अनुकूल वातावरण की तलाश में रहते हैं.

वित्त मंत्री जेटली ने आंध्र प्रदेश के पुनर्निर्माण में केंद्र की ओर से हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वासन देते हुए उम्मीद जताई कि यह राज्य अपनी नीतियों और मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू के नेतृत्व की बदौलत निवेश आकर्षिक करने में कामयाब होगा.उन्होंने कहा, ‘‘ राजकाज का स्वरुप बदल चुका है. प्रशासन में भ्रष्टाचार उत्तरोत्तर खत्म हुआ है. निर्णय की प्रक्रिया में तेजी आई है. कारोबार की सुगमता वस्तुत: नीतिगत और प्रशासनिक मुद्दा है.' वृद्धि को प्रोत्साहन देने के लिए सभी स्तरों पर सुधारों में तेजी लाए जाने की जरुरत पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि दुनिया बहुत ही कठिन होती जा रही है. ‘‘दुनिया में फैली चुनौतियां और कठिनाइयां हमारी व्यवस्था के सामने भी आ खडी हुई हैं.' जेटली ने कहा कि विश्वबैंक ने 2016 के लिए वैश्विक आर्थिक वृद्धि की अनुमानित दर को घटाकर 2.9 प्रतिशत कर दिया है और इस समय दुनियाभर में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर काफी नीचे चल रही है.