जब बदायूँ मुद्दा यूएन जा सकता है तो दादरी क्यों नहीं: आज़म

जब बदायूँ मुद्दा यूएन जा सकता है तो दादरी क्यों नहीं: आज़म

तौक़ीर सिद्दीक़ी 

लखनऊ। दादरी काण्ड पर यूएनओ को पत्र लिखने पर भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों की असभ्य बयानबाज़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री व सपा नेता आजम खान ने लखनऊ में आज पत्रकारों के सामने करार जवाब देते हुए कहा कि जब बदायूं का मसला जो झूठा साबित हुआ संयुक्त राष्ट्र में ले जाया गया था तो ये ठेकेदार कहां थे जो आज मेरे संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखने पर सवाल उठा रहे हैं। यूएन को पत्र लिखकर मैंने कोई गुनाह नहीं किया है। उन्होंने सवाल दागा कि क्या नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने बच्चों का मुद्दा यूएन में नहीं उठाया था। स्वास्थ्य सम्बंधी मुद्दे यूएन में नहीं उठाए जाते हैं?

आजम खां ने कहा कि हम लोगों को पाकिस्तान जाने को कहा जा रहा है। हम लोग वहां क्यों जाएं। हिन्दुस्तान हमारा भी मुल्क है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री किसी की मदद करते हैं तो साम्प्रदायिक ताकतें एतराज जताती हैं। मैं कहता हूं कि जो उंगली उठाता है, उस जालिम का हाथ मरोड़ दो। 

आज़म ने आज एक बार फिर अपने उस बयान को दोहराया कि आरएसएस देश को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहता है, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। । आज़म ने कहा बीजेपी यूपी में दंगा कराना चाहती है, मुसलमानो को पाकिस्तान भेजना चाहती है। 

आजम ने कहा कि वह संविधान पर भरोसा करते हैं। इसीलिए हम देश में शांति बनाए रखना चाहते हैं,हम अलगाव में जीवन नहीं जी सकते,हम संयुक्त राष्ट्र के सदस्य हैं। आजम खान ने कहा, शिवसेना, आरएसएस की तरह फासिस्ट ताकत है। हम किसी से डरते नहीं हैं। हमें मंत्रिमंडल से निकालने के लिए मुलायम, सीएम और राज्यपाल फैसला ले सकते हैं और इसके लिए वह स्वतंत्र भी हैं। मैं जिस रास्ते पर बढ़ा हूं, उससे वापस नहीं लौटूंगा। 

Lucknow, Uttar Pradesh, India