प्रदेश के विकास योजनाओं का धन भ्रष्टाचारियों की तिजोरी में: हरिष्चन्द्र श्रीवास्तव

प्रदेश के विकास योजनाओं का धन भ्रष्टाचारियों की तिजोरी में: हरिष्चन्द्र श्रीवास्तव

लखनऊ: उ0प्र0 में विकास योजनाओं का धन भ्रष्टाचारियों की तिजोरी के जा रहा है यह आरोप आज भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने लगाया। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि केवल अमेठी जनपद में जिस तरह पंचायतों के विकास के नाम पर 27 करोड़ का घोटाला महज तीन माह में सामने आया है इससे यह बात स्पष्ट है कि पूरे प्रदेश में ग्राम पंचायतो में मनरेगा के तहत चलाई जा रही विकास योजनाओं तथा विकास योजनाओं में दर्शाई जा रही खर्च की धनराशि का सच क्या है ?

प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर जिस तरह प्रदेश सरकार यादव सिंह के पक्ष में खड़ी नजर आई उससे प्रदेश में भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ना स्वाभाविक ही है परिणाम सामने है कि पंचायतों का विकास करने के बजाय अधिकारी विकास का धन अपनी जेबों में भर रहे है। प्रदेश प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के संरक्षण दिये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमेठी से जुड़े खनन मंत्री पर हजारों करोड़ की खनन घोटाला जग जाहिर है और अब अमेठी में 3 माह के अन्दर जिस तरह से मनरेगा की 27 करोड़ की धनराशि फर्जी तरीके से खरीद फरोख्त दिखा कर आहरित की गई वह गांव गरीब की विकास योजनाओं की लूट है।

भाजपा प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि मनरेगा के अन्र्तगत अरबों का घोटाला हो चुका है और यह खेल लगातार 2006 से जारी है लेकिन जिस तरह कांग्रेस के युवराज के संसदीय क्षेत्र में के जामो, सिंहपुर, मुसाफिर खाना, अमेठी संग्रामपुर और भादर सहित अमेठी के 13 विकास खण्डो की 586 ग्राम पंचायतों में यह 27 करोड़ का घोटाला सामने आया है उससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस के युवराज अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के प्रति कितने गम्भीर है ?

प्रदेश प्रवक्ता ने प्रदेश की सपा सरकार द्वारा चैकडेम घोटाला के आरोपी मंत्री, नोएडा घोटाले के मुख्य आरोपी यादव सिंह, खनन घोटाले के आरोप गोमती प्रजापति तथा भर्ती घोटाले के आरोपी  डा0 अनिल यादव आदि के भ्रष्टाचार को संरक्षण  प्रदान करने के कारण प्रदेश में भ्रष्टाचारियों के खुली छूट मिल गई है जिसका परिणाम पंचायत विकास योनजाओं के धन की यह खुली लूट है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को संरक्षण देने के बजाय उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर जनता के साथ न्याय करें।

Lucknow, Uttar Pradesh, India