ज़िम्बाब्वे से हारते हारते बची टीम इंडिया

ज़िम्बाब्वे से हारते हारते बची टीम इंडिया

अंतिम ओवर में भुवनेश्वर ने नहीं बनने दिए 10  रन,  चार रनों से मिली जीत 

हरारे। भारत के 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिमबाब्वे की टीम ने मैच में कड़ी टक्कर दी। जिम्बाब्वे मैच को आखिरी ओवर तक ले गई, लेकिन टीम इंडिया ने जैसे तैसे चार रनों से जीत दर्ज कर ली।

जिमबाब्वे की ओर से चिगुुंबरा (104) ने शतकीय पारी खेली और वे अंत तक नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और एक छक्का लगाया। सिकंदर राजा (37) और क्रीमर (27) ने चिगुंबरा का अच्छा साथ दिया, लेकिन वे भी अपनी टीम को जीत ना दिला सके। वहीं टीम इंडिया की ओर से बिन्नी और पटेल ने दो-दो विकेट झटके, जबकि कुमार, कुलकर्णी और हरभजन सिंह के हाथ एक-एक सफलता लगी।

इससे पहले टीम इंडिया की ओर से अंबाति रायडू (124) और स्टूअर्ट बिन्नी (77) की मदद से भारत ने जिम्बाब्वे को 256 रनों का लक्ष्य दिया। रायडू ने 133 गेंदों का सामना कर 13 चौकों और एक छक्के की मदद से 124 रन बनाए और वे बिन्नी के साथ अंत तक नाबाद रहे। इससे पहले जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के सामने टीम इंडिया के युवा खिलाड़ी टिकने में नाकाम रहे। केदार जाधव के आउट होने के साथ ही आधी टीम पवेलियन लौट गई। जाधव 5 रन बना कर चिभाभा का शिकार बने।

वहीं रॉबिन उथप्पा के रन आउट होने के साथ ही अंबाति रायडू पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। उथप्पा को बिना खाता खोले ही पवेलियन लौटना पड़ा। टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर जिम्बाब्वे टीम की गेंदबाजी के प्रहार को सहने में नाकाम रहा। रहाणे के बाद मनोज तिवारी के रूप में टीम इंडिया ने तीसरा विकेट गंवाया। वे केवल 2 रन ही बना सके और चिभाभा का शिकार बने।

टीम इंडिया को मजबूती देने में जुड़ी रहाणे, रायुडू की साझेदारी को तिरिपानो ने तोड़ दिया। कप्तान रहाणे 34 रन बना कर पवेलियन लौटे। इससे पहले मुरली विजय तीसरे ओवर में ही वेटोरी का शिकार बने।

जिम्बाब्वे ने सीरीज के पहले मुकाबले में टॉस जीतकर मेहमान भारतीय क्रिकेट टीम को पहले बल्लेबाजी करने का निमंत्रण दिया। तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला हरारे स्पोटर्स क्लब मैदान पर खेला जा रहा है। यहां पिच पर हल्की नमी है और गेंदबाजी के लिहाज से पहला एक घंटा महत्वपूर्ण रहेगा। इस मुकाबले से चार वर्ष बाद अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन वनडे में वापसी कर रहे हैं। हरभजन ने वर्ष 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला था, जबकि बल्लेबाज रहाणे पहली बार टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।