मैगी की ब्रांडिंग करने वाले भी होंगे ज़िम्मेदार

मैगी की ब्रांडिंग करने वाले भी होंगे ज़िम्मेदार

नई दिल्ली। सरकार ने सोमवार को कहा है कि फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) मैगी के कई अन्य सैंपस टेस्ट कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि टेस्ट की पूरी रिपोर्ट दो से तीन दिनों में आ जाएगी। इस पर सरकार ने कहा है कि, मैगी के ब्रैंड एम्बेसडर्स भी जिम्मेदार होंगे अगर विज्ञापन को भटकाने वाला पाया गया।

फूड एंड कंजयूमर अफेयर्स मिनिस्टर राम विलास पासवान ने कहा, "एफएसएसएआई मामले की जांच कर रही है और वो कार्रवाइ करेगी। हमने पहले ही इस मामले में एफएसएसएआई को लिख चुके हैं।" हालांकि उन्होंने कहा कि, मैगी मामले फिलहाल अभी तक किसी भी कंज्यूमर की ओर से कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट के पास कोई भी शिकायत नहीं पहुंची है।

इससे पहले नेस्ले कंपनी की मैगी का विज्ञापन कर रहे अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित, प्रीति जिंटा और नेस्ले इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर बाराबंकी में शनिवार को परिवाद दाखिल किया गया। अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह की ओर से दायर किए गए परिवाद पर चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट सत्यदेव गुप्ता ने की तारीख एक जून निर्धारित की है।

सीनियर वकील और भाजपा नेता संतोष सिंह की याचिका पर केस नंबर 1794/2015 में इन सितारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 109, 272 (मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने की प्रçRया में शामिल होना), 273, 420 (धोखाधड़ी) की धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं। इस मामले को लेकर अगली सुनवाई 19 जून को होगी।

भाजपा के टिकट पर 2012 में यूपी विधानसभा का चुनाव लड़ चुके पूर्व भाजपा प्रेसीडेंट संतोष का बयान मजिस्ट्रेट ने 200 सीआरपीसी के तहत दर्ज कर लिया है। अब संतोष 19 जून को धारा 202 सीआरपीसी के तहत बाकी साक्ष्यों व गवाहों को पेश करेंगे। अधिवक्ता ने कम्पलेंट में कहा है कि नेशनल हाइवे गुड़गांव के जकारांडा मार्ग पर एम ब्लाक डीएलएफ सिटी केस-2 स्थित "नेस्ले इंडिया" द्वारा आमजन विशेष कर बच्चों के लिए बनाए जा रहे नूडल्स (मैगी) को नुकसानदेह पाया गया है।

अगर इस मामले में कोई भी दोषी पाया गया तो सात साल की सजा, 10 लाख रूपए तक जुर्माना धारा 58 फूड मानकों के उल्लंघन के लिए है। इसमें 2 लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, धारा 59 अनसेफ फूड के तहत दोषियों को अधिकतम 7 साल तक की सजा और 10 लाख रूपए तक जुर्माने का प्रावधान है।