समाज भययुक्त,दोषी भी भयमुक्त

समाज भययुक्त,दोषी भी भयमुक्त

सत्य प्रकाश भारती  

प्रदेश सरकार में अपराधों का सिलसिला इस कदर बढ़ा कि समाज और आम आदमी तो क्या इस समाज के रखवाले (पुलिसकर्मी ) भी इससे त्रस्त हो चुके हैं | प्रतिदिन बढ़ते अपराध और बेख़ौफ़ घूमते अपराधियों ने मुश्किलों को और अधिक जटिल बना दिया है | इसका मुख्य कारण राज्य सरकार का नरम रुख भी है | सभी गाड़ियों पर समाजवादी झंडे,विधयक,मंत्री,ब्लॉक प्रमुख आदि पदविहियाँ खूब शोभा दे रहीं हैं,इन गाड़ियों को देखते ही पुलिसकर्मी दो कदम पीछे हट जाते हैं तथा रास्ता भी साफ़ करवा देते हैं | सपा सरकार से कोई संपर्क न होने के बावजूद ये पदविहियाँ एवं समाजवादी झंडे अधिकाँश चारपहिया वाहनों पर नज़र आते हैं | गाडी पर नंबर प्लेट के स्थान पर पदविहियाँ और गाडी के अंदर भले ही पूर्ण कागज़ न हों , राजधानी कि सड़कों पर ऐसी तमाम गाड़ियां फर्राटा भर रही हैं एवं ऑपरेशन आल आउट के द्वारा सरकार की छवि को अच्छा  बनाने का प्रयास जारी है |

हाल ही का उदाहरण ले तो एक सप्ताह पूर्व ही लखनऊ के मुंशीपुलिया चौराहे पर तैनात TSI रविन्द्र मालिक ने जब एक बिना नंबर प्लेट की गाडी रोकी , जिस पर समाजवादी पार्टी का झंडा लगा हुआ था तो सपा कथित नेता ने वंहा भीड़ एकत्र कर ली और उस पुलिस कर्मी पर बदसलूकी का आरोप लगा दिया एवं जब उन्होंने अपने बचाव में एसपी ट्राफिक ब्रजेश मिश्रा से शिकायत की तो उन्हे तोहफे के रूप में ट्रॉफिक  लाइन में स्थानांतरण कर दिया गया | यही नही इससे पूर्व भी शाहजंहापुर में जब एक सिपाही ने ट्रेक्टर को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने उस पर गाडी चढ़ा दी और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी,लखनऊ कैंट के कुंवर जगदीश चौराहे पर स्कार्पियो सवार बदमाशों ने ट्रैफिक सिपाही को दौड़ा दौड़ा  कर पीटा था,पीजीआई थाने से कुछ दूरी पर नशे में धुत बदमाशों ने गश्त कर रहे सिपाहियों की रायफल छीन ली थी,दिनांक २४/०२/२०१४ को जब एसएसपी दुर्गेश कुमार (मोर्डेन कंट्रोल रूम ) ने लीला सिनेमा के पास बदमाशों को छेड़खानी करते हुए रोका  तो उन पर फायरिंग कर दी , आशियाना में दबंगों ने सिपाहियों को जूते  व् चप्पल से पीटा था,फीरोजाबाद में बदमाशों ने दो सिपाहियों (दिनेश कुमार 32  व् गिराज किशोर 38 )  को गोलियों से भून डाला , अमरोहा में सपा नेता ने एक युवक की आँख फोड़ी थी  एवं लखनऊ में एक व्यापारी को अगवा कर कर पीटा था |

इसी प्रकार के कई किस्से प्रतिदिन अखबारों एवं टीवी चैनलों पर देखने को मिलते हैं पर सरकार का रुख एक जैसा ही है उसमे कोई परिवर्तन एवं सख्ती नही आई | एवं घटनाओ की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है एवं अपराधी  छाती चौड़ी करके समाज में घूम रहे हैं |