मुख्यमंत्री ने ललितपुर में किया 03 सोलर पावर प्लाण्ट का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने ललितपुर में किया 03 सोलर पावर प्लाण्ट का लोकार्पण

ललितपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनपद ललितपुर के पिछड़ेपन को दूर कर उसे विकास के मुख्य रास्ते पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसे ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार ने अनेक फैसले लिए हैं। पिछले 40 वर्ष से चली आ रही तहसीलों की मांग को पूरा करते हुए जिले में 02 नई तहसीलें पाली तथा मड़ावरा सृजित की गयी हैं। 

मुख्यमंत्री आज जनपद ललितपुर के ग्राम अमरपुर में महरौनी खुर्द और चीरा के 10-10 मेगावाट क्षमता के 03 सोलर पावर प्लाण्ट का लोकार्पण करने के बाद एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने लोहिया ग्रामीण परिवहन सेवा की बसों को हरी झण्डी दिखाकर जनपद में इस सेवा के संचालन की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाजवादी पेंशन योजना के 550 लाभार्थियों को परिचय पत्र तथा 103 मेधावी छात्र/छात्राओं को निःशुल्क लैपटाॅप प्रदान किए। उन्होंने 100 श्रमिकों को साइकिल, कामधेनु डेरी योजना के 05 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र तथा 03 किसानों को सोलर पम्प भी वितरित किए। मुख्यमंत्री द्वारा कुल 36584.44 लाख रुपए की लागत के 15 कार्याें का शिलान्यास एंव 18 कार्याें का लोकार्पण किया गया। 

लोकार्पित परियोजनाओं में 05 सम्पर्क मार्ग, महरौनी में पिछड़ा वर्ग छात्रावास, दुधई सुनौरी तथा नगारा में राजकीय हाईस्कूल, 10 ग्राम सचिवालय, सहकारी समितियों के 09 ग्रामीण गोदाम आदि शामिल हैं। जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गयी उनमें 17 आंगनवाड़ी केन्द्र, 03 सम्पर्क मार्ग, सुम्मेरा तालाब का सौन्दर्यीकरण, जाखलौन पम्प केनाल पर बोट क्लब, महरौनी तहसील भवन, जखौरा, जाखलौन, मिर्चवारा तथा बानपुर में 33/11 के0वी0 के 04 विद्युत उपकेन्द्र, 01 आॅडिटोरियम, 01 स्वीमिंग पूल, 01 पेयजल योजना आदि शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा प्लाण्ट के संचालन से जनपद में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी। राज्य सरकार प्रदेश में विद्युत उत्पादन, पारेषण तथा वितरण तंत्र को बेहतर बनाने के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है, ताकि वर्ष 2016 तक ग्रामीण इलाकों में 16 घण्टे तथा शहरी क्षेत्रों में 22 से 24 घण्टे विद्युत की आपूर्ति की जा सके।

श्री यादव ने कहा कि जनपद के हनुपुरा गांव में स्थापित 5,000 लीटर क्षमता का दुग्ध चिलिंग प्लाण्ट कई साल से बन्द पड़ा था। प्रदेश सरकार ने प्लाण्ट की कमियों को दुरुस्त करते हुए उसका संचालन शुरु करा दिया, जिससे इलाके के सैकड़ों छोटे-बड़े किसानों को दूध की सही कीमत मिलने लगी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता को आवागमन की अच्छी और सस्ती परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए ललितपुर में लोहिया ग्रामीण परिवहन सेवा संचालित करने का फैसला भी राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए अपने खजाने का मुंह खोल दिया और सम्बन्धित जिलों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध करायी। ललितपुर में आपदा से प्रभावित किसानों को अब तक 26 करोड़ रुपए की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। 

Uttar Pradesh, India