किसानों को मदद के नाम पर केवल राजनीति कर रही है सपा सरकार: बीजेपी

किसानों को मदद के नाम पर केवल राजनीति कर रही है सपा सरकार: बीजेपी

लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री पर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उ0प्र0 की सपा सरकार किसानों को मदद के नाम पर केवल राजनीति कर रही है। जबकि केन्द्र सरकार किसान की हर सम्भव मदद के लिए कृतसंकल्प है और किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक सरकार की नाकामी छिपाने के लिए केवल बयानबाजी कर रहे है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर किसानों द्वारा आत्महत्या किये जाने को सिरे से नकार देती है, दूसरी तरफ सपा सुप्रीमों उ0प्र0 में केवल तीन किसानों द्वारा आत्महत्या किये जाने की बात संसद में कहते है। अब सरकार अतिवृष्टि ओलावृष्टि से फसल बर्बादी के कारण 23 जनपदों में 80 किसानों के मृत्यु की बात स्वीकार कर रही है तथा 1153 किसानों की मृत्यु का परीक्षण कराने जा रही हैं। भाजपा प्रवक्ता ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आखिर किसानों के मदद को लेकर इतनी विरोधाभाषी बाते क्यों की जा रही है ? हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि फसलों की तबाही की हताशा न बर्दास्त कर पाने वाले किसानों की मौत और फसल नुकसान की भरपाई को लेकर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि आखिर सरकार किसानों के दुःख दर्द के प्रति इतनी निष्ठुर क्यों है ?

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश सरकार को किसानों के लिए लिए हर सम्भव मदद आपदा के मानक को घटाकर 33 प्रतिशत किए जाने तथा मुआवजा राशि डेढ़ गुना किये जाने के कारण लाखों की संख्या में किसान राहत के दायरे में आ सके। इसके अतरिक्त केन्द्र सरकार ने गेहूं खरीद में कटौती न किये जाने के आदेश किये ताकि किसानों को नुकसान न हो। फिर भी उ0प्र0 सरकार मुआवजा राशि किसानों तक पहुंचाने में हलाकान है कही जिलाधिकारी ने 25 प्रतिशत फीसदी नुकसान दिखाकर फाइले बंद कर दी तो कही किसान को 75 प्रतिशत का चेक दिया गया।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि असलियत यह है कि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों को हालात का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों के दौरे तथा केन्द्रीय अधिकारियों के अध्ययन दल आने के बाद ही प्रदेश सरकार हरकत आई और अपनी नाकामी छिपाने के लिए तरह-तरह के विरोधाभाषी बयानबाजी कर रही है।

हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि कल मेरठ में जिस तरह खरखोदा के किसान योगेन्द्र ने फसल बर्बाद होने और कर्ज को लेकर मोबाइल टावर से कूद कर आत्महत्या कर ली चार घंटे तक सरकारी अमला मूकदर्शक बना रहा वह अपने आप में सरकारी तंत्र की अपराधिक संवेदनहीनता का प्रमाण है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार में बैठे लोग किसानों की भावनाओं से खिलवाड़ न करें। उन्होंने ऐसे संवेदनहीन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। उन्होेंने कहा कि दिल्ली के जन्तर मन्तर की घटना के बाद भी सरकारी तंत्र में संवेदन शीलता नहीं आई और एक युवा किसान का परिवार तबाह हो गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री कल मेरठ में ही थे परन्तु इस हादसे को लेकर उनकी संवेदना भी नहीं जगी।

Lucknow, Uttar Pradesh, India