वित्तीय कुप्रबन्ध यूपी में विकास न होने  सबसे बड़ा कारण: भाजपा

वित्तीय कुप्रबन्ध यूपी में विकास न होने सबसे बड़ा कारण: भाजपा

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने उ0प्र0 सरकार के वित्तीय कुप्रबन्ध को प्रदेश में विकास न हो पाने का एक बड़ा कारण बताया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि विकास योजनाओं पर सी.ए.जी. की रिर्पोट ने सरकार की कलई खोल दी है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सी.ए.जी. की रिर्पोट जहां एक तरफ प्रदेश सरकार की मशीनरी की दक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है वही एक लाख ग्यारह हजार तीन सौ अड़तालीश करोड़ का हिसाब सी.ए.जी. को न दे पाना सरकार की वित्तीय प्रबन्ध के सामने एक गम्भीर प्रश्न चिन्ह लगाता हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने इस पर आश्चार्य व्यक्त किया कि सी.ए.जी. द्वारा बार-बार लिखने के बावजूद सी.ए.जी. को वर्ष 2011से लेकर अब तक प्रदेश के विभिन्न योजनाओं व कार्यो लिए अनुदान की वर्ष 2011-2012, में 2012-2013 व 2013-2014 की 80438 करोड़, 12219 करोड़ तथा 91.62 करोड़ का हिसाब सरकार अभी तक नहीं दिया है। यह सरकार के वित्तीय कुप्रबन्ध का प्रमाण है और प्रदेश के विकास का सीधा सम्बन्ध सरकार के वित्तीय प्रबन्ध से है। 

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जिस तरह से अड़तीस हजार सात सौ पन्द्रह करोड़, की धन राशि जो सरकार ने विभिन्न विकास योजनाओं के मद में खर्च होनी थी उनका न खर्च कर पाना सरकार की विकास कार्यो के प्रति प्रतिवद्धता को उजागर करता है। सरकार द्वारा 144 योजनाओं के लिए आवंटित धन का 20 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर पाना, 50 के लगभग मदों में 100 करोड़ तथा एक दर्जन मदों में प्रतिवर्ष 500 करोड़ विकास कार्यो पर खर्च नहीं हो सका इससे यह बात स्पष्ट होती है कि सरकार प्रदेश के विकास के प्रति कतई गम्भीर नहीं है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट का भी 3687 करोड़ नही खर्च कर सकी तो आखिर सरकार को अनुपूरक बजट की आवश्यकता ही क्या थी ? हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा सी.ए.जी. ने अपनी रिर्पोट में जहां एक तरफ एक लाख 11 हजार तीन सौ अड़तालीस करोड़ के हिसाब न देने, 38000 करोड़ विभिन्न योजनाओं में न खर्च कर पाने तथा विभिन्न योजनाओं के लिए अवमुक्त 16 हजार करोड़ से अधिक की धन राशि वापिस करना तथा अनुपूरक बजट का भी लगभग 4 हजार करोड़ न खर्च कर पाना सरकार के वित्तीय प्रबन्ध और कार्य कुशलता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा प्रदेश सरकार पर सड़क सुधार के नाम पर वसूले गये टैक्स आठ हजार तीन सौ इकसठ करोड़ की धनराशि को सड़क अनुरक्षण में न लगाया जाना प्रदेश की जनता के साथ धोखा करना बताया हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों का रख रखाव सड़क सुधार मद के 8361 करोड़ की धन राशि से भी भली प्रकार से किया जा सकता है। परन्तु सरकार द्वारा धन का उपयोग सड़क सुधार के लिए न करना विकास व जनहित की अनदेखी है।

भाजपा प्रवक्ता ने सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार केन्द्र सरकार से प्रतिवर्ष आपदा राहत से मिलने वाली 500 से 600 करोड़ की धनराशि को निर्माण कार्यो में खर्च कर दिया जो सी.ए.जी. की रिर्पोट से स्पष्ट हैं। हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि इस धन राशि का उपयोग प्रदेश सरकार अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से किसानों की फसल नुकसान की त्वरित भरपाई के लिए कर सकती थी और उन दर्जनों किसानों की जान बचाई जा सकती थी जो फसलो नुकसान को बर्दास्त नहीं कर सकें।

Lucknow, Uttar Pradesh, India