मुंबई: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने दावा किया कि उनकी पार्टी के देवेंद्र फड़नवीस को मुख्यमंत्री के नियंत्रण वाली 40,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय निधि का ‘दुरुपयोग’ होने से ‘बचाने’’ के लिए बहुमत न होने के बावजूद पिछले महीने महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि फड़नवीस ने हेगड़े के बयान को खारिज करते हुए कहा है कि मेरे कार्यकाल में ऐसा कुछ नहीं हुआ है। वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने इसे महाराष्ट्र के साथ गद्दारी बताया है।

हेगड़े ने मुख्यमंत्री के तौर पर फड़नवीस के दूसरी बार शपथ लेने के महज 80 घंटों बाद इस्तीफा देने को ‘नाटक’ बताते हुए कहा कि यह इसलिए किया गया कि विकास कार्यों के लिए दी गई निधि की ‘रक्षा’ की जा सके। हेगड़े ने कहा, ‘‘आप सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में हाल ही में महज 80 घंटों के लिए हमारा आदमी मुख्यमंत्री था लेकिन जल्द ही फड़नवीस ने इस्तीफा दे दिया। हमने यह नाटक क्यों किया? क्या हम नहीं जानते थे कि हमारे पास बहुमत नहीं है, वह क्यों मुख्यमंत्री बने? यह आम सवाल है जो हर कोई पूछ रहा है।’’

उत्तर कन्नड़ जिले में येल्लापुर में उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान शनिवार को एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के नियंत्रण में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि थी। अगर राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना सत्ता में आती तो निश्चित तौर पर 40,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल विकास कार्य के लिए नहीं किया जाता और इसका दुरुपयोग किया जाता।’’

भाजपा नेता ने कन्नड़ भाषा में कहा, ‘‘यह पहले ही तय था। जब हमें पता चला कि तीनों पार्टियां सरकार बना रही हैं तो यह नाटक रचने का फैसला किया गया। इसलिए बंदोबस्त किया गया और फड़नवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई जिसके बाद 15 घंटों के भीतर फड़नवीस ने पैसे को वही पहुंचा दिया जहां उसे जाना चाहिए था और उसे बचा लिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरा पैसा केंद्र सरकार को वापस दे दिया गया वर्ना “अगले मुख्यमंत्री ने…आप जानते हैं कि क्या किया होता।”