शिक्षा समस्त संस्कारों एवं विकास की आधारशिला है: विनय पाठक

शिक्षा समस्त संस्कारों एवं विकास की आधारशिला है: विनय पाठक

महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय 182 छात्र-छात्राओं को उपाधियां वितरित

लखनऊ: आईआईएम रोड स्थित महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय शिक्षा की बगिया गुरुवार को दिन भर गुलजार रही। छात्र-छात्राओं की चहल पहल, उनके चेहरे पर मुस्कान एक सुखद अनुभूति का अहसास करा रही थी। अवसर था विश्वविद्यालय में आयोजित उपाधि वितरण समारोह का। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में कुल 182 छात्र-छात्राओं को उपाधियां बांटी गयीं एवं अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से करने की शपथ दिलायी गयी।

समारोह की शुरुआत सरस्वती वन्दना एवं महर्षि जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन से हुयी। बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित डा0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति विनय कुमार पाठक ने उपाधि धारकों को सम्बोधित करते हुये कहा कि शिक्षा एवं दीक्षा मनुष्य के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। शिक्षा समस्त संस्कारों एवं विकास की आधारशिला है। महर्षि विश्वविद्यालय महान योगी पूज्यनीय महर्षि जी की तपोभूमि है। यहां का विद्यार्थी संपूर्ण विश्व में अपना नाम रोशन करें। वर्तमान युग तीव्र गलाकाट प्रतिस्पर्धा का युग है और नई तकनीक उन सभी चुनौतियों से मुकाबला करने का अचूक मंत्र है। हमें तकनीक के साथ कदम से कदम बढाकर चलने की आवश्यकता है। प्रो0 पाठक ने विभिन्न उभरती हुयी तकनीकि की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने उपाधि प्राप्त स्नातकों को संबोधित करते हुये कहा कि महर्षि विश्वविद्यालय के स्नातक, जिन्होंने आज डिग्री प्राप्त की है, समाज में जाएं एवं अपने को स्थापित कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें।

वहीं समारोह में उपस्थित विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो0 ग्रुप कैप्टन ओ0पी0शर्मा ने उपाधि धारकों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से करने की शपथ दिलायी। उन्होंने कहा कि सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास ही शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है। ज्ञान का प्रयोग अपने व्यक्तित्व के विकास में करें, क्योंकि स्वयं का विकास करके ही परिवार, समाज एवं राष्ट्र विकास संभव है। श्री शर्मा ने कहा कि आज हम अपने सम्मान की चिंता करते हैं जबकि दूसरे की उपेक्षा। हमें दोनों के सम्मान की चिंता करनी चाहिए। चेतना विज्ञान का जिक्र करते हुये कहा कि चुनौतियों को चेतना से दूर किया जा सकता है। वर्तमान में आईटी सबसे बड़ी चुनौती है, जिसने हमें गुलाम बना दिया है। हमें चुनौतियों को स्वीकार्य कर आगे बढ़ना होगा।

विश्वविद्यालय के बोर्ड आफ मैनेजमेन्ट के सदस्य अनूप श्रीवास्तव ने डिग्री प्राप्त स्नातकों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति भानू प्रताप सिंह ने उपस्थिति अतिथियों एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं के सफलता की मंगलकामना की। वहीं समारोह के समापन सत्र में कुलसचिव अखण्ड प्रताप सिंह ने उपस्थित सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डा0 केके शुक्ला, प्रो0 एचके द्विवेदी, डा0 चिरंजी लाल, डा0 निहार दास, डा0 नीरज जैन, विनय यादव, सपन अस्थाना, प्रो0 अजय भारती, सत्येन्द्र कुमार, डा0 मधुलिका सिंह, प्रो0 वी0के0 सिंह, आशुतोष पाठक सहित विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव श्रीवास्तव, एपी सेठ, अर्पणा दास गुप्ता एवं विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Lucknow, Uttar Pradesh, India