डेटोल ने हाइजीन एजुकेशन पाठ्यक्रम के तीन साल पूरे होने का मनाया जश्न

डेटोल ने हाइजीन एजुकेशन पाठ्यक्रम के तीन साल पूरे होने का मनाया जश्न

नई दिल्ली: दुनिया की अग्रणी कन्ज़्यूमर हेल्थ एवं हाइजीन कंपनी रेकिट बेकिंसर ने ग्लोबल सिटिज़न इण्डिया के सहयोग से अपने डेटाॅल स्कूल हाइजीन एजुकेशन पाठ्यक्रम के तीन साल पूरे होने का जश्न मनाया, इसके लिए नई दिल्ली में अपनी तरह के अनूठे कार्यक्रम चका-चक मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को एक रोचक माहौल में शिक्षित किया गया। रेकिट बेकिंसर आगा खान फाउन्डेशन, सम्हिता, कलेक्टिव गुड फाउन्डेशन, लर्निंग लिंक्स फाउन्डेशन, एडीआरए और पहल के साथ साझेदारी में बिहार, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तरप्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण स्कूलों में इस पाठ्यक्रम का संचालन कर रहा है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर साझेदारों को बधाई देते हुए गौरव जैन, सीनियर वाईस प्रेज़ीडेन्ट, अफ्रीका, मध्यपूर्व एवं दक्षिण्ी एशिया, आरबी हेल्थ इण्डिया ने कहा, ‘‘बच्चे समाज में बदलाव लाने वाले मुख्य कारक हैं, और उन्हें कम उम्र में शिक्षित कर हम सुनिश्चित करते हैं कि इन बच्चों में अच्छी आदतें पैदा हों। हमें डेटाॅल स्कूल हाइजीन एजुकेशन करिकुलम से जुड़े स्कूली बच्चों में हाथ धोने की अच्छी आदत का सकारात्मक प्रभाव देखकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। हम पांच चरणों की व्यवहारिक लर्निंग प्रक्रिया पर ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं, जिसके माध्यम से हम रोज़मर्रा में हाइजीन से जुड़े पांच महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रभावित करते हैं। मुझे विश्वास है कि अगर छात्र हाइजीन यानि स्वच्छता के मूल तरीकों को सीख जाएं तो वे अन्य लोगों के लिए प्रभावशाली भूमिका निभा सकते हैं और आने वाले कल के लिए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं।’’

इस पाठ्यक्रम का संचालन आगा खान फाउन्डेश्न, सम्हिता, कलेक्टिव गुड फाउन्डेशन, लर्निंग लिंक्स फाउन्डेशन एडीआरए तथा पहल के द्वारा लक्षित राज्यों के स्कूलों में किया गया, यह पाठ्यक्रम बच्चों की कक्षा के आधार पर तैयार किया गया है- पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के लिए पहला स्तर, तीसरी कक्षा के बच्चों के लिए दूसरा स्तर, पांचवी या इससे बड़ी कक्षा के लिए तीसरा स्तर। इसकी सामग्री पांच मुख्य विषयों पर आधारित हैं जो निजी स्वच्छता, घर में स्वच्छता, स्कूल में स्वच्छता, बीमारी के दौरान स्वच्छता तथा आस-पड़ौस में स्वच्छता पर केन्द्रित है। कुल मिलाकर क्लासरूम सत्रों में हर स्तर के लिए पांच थीमों में 15 विषय कवर किए जाते हैं (प्रगतिशील स्तर के आधार पर हर विषय में तीन टाॅपिक), अध्यापक उपलब्ध सामग्री की मदद से इन विषयों को कवर करता है।