सैमसंग इंडिया IITs और दूसरे टॉप कॉलेज से करेगा 1000 इंजीनियरों की नियुक्ति

सैमसंग इंडिया IITs और दूसरे टॉप कॉलेज से करेगा 1000 इंजीनियरों की नियुक्ति

सैमसंग इंडिया भारत में अपने आरएंडडी ऑपरेशन्स को मज़बूती देने के लिए इस प्लेसमेंट सीज़न में आईआईटी से 300 से ज़्यादा इंजीनियरों की नियुक्ति करेगा। सैमसंग द्वारा यह नियुक्ति विशेष तौर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, आईओटी, नैचुरल लैंग्‍वेज प्रॉसेसिंग, कैमरा प्रौद्योगिकी और 5G नेटवर्क्‍स के डोमेन में की जाएगी। सैमसंग के बेंगलूरु,दिल्ली और नोएडा स्थित तीन आरएंडडी सेंटर्स,1 दिसंबर से टॉप आईआईटी जैसे दिल्‍ली, कानपुर, मुंबई, मद्रास, खड़गपुर, गुवाहाटी, बीएचयू और रूड़की का दौरा करेंगे। आरएंडडी सेंटरहैदराबाद, धनबाद, रोपड़, इंदौर, गांधीनगर, पटना, भुवनेश्वर, मंडी और जोधपुर जैसे नए आईआईटी से भीइंजीनियरों को नियुक्‍त करेंगे। सैमसंग इंडिया के मानव संसाधन के हेड, श्री समीर वाधवन ने कहा,‘हमारे आरएंडडी सेंटर अत्‍याधुनिक टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रहे हैं औरभारतीय बाज़ार के साथ-साथ दुनिया के लिए भी इनोवेशन तैयार कर रहे हैं। हम इन क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास के लिए इंजीनियरों को अपने साथ जोड़ने का काम जारी रखेंगे और भारत में अपना एक मजबूत अनुसंधान केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।’ उन्होंने आगे कहाकि सैमसंग के आरएंडडी सेंटर्स, जो अब उत्‍कृष्‍टता केंद्र बन चुके हैं, इस साल नए आईआईटी समेत और ज़्यादा कॉलेजों में जाकर अपने टैलेंट बेस को बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं। सैमसंग ने इस साल आईआईटी के छात्रों को 200 से ज़्यादा प्री प्‍लेसमेंट ऑफर (पीपीओ) की पेशकश की है। वाधवन ने कहा,‘यह एक बदलाव है जिसके तहत हमने टैलेंट को पहले ही चुन लिया और उन्‍हें पीपीओ दिया। इस साल हमारे यहां इंटर्नशिप की अवधि थोड़ी ज़्यादा थी ताकि छात्र कंपनी में ज्यादा समय बिता सकें और उन्‍हें लीडर्स और मैनेजर्स से बातचीत करने का अवसर मिल सके। इससे हमें ब्राइटटैलेंट चुनने में मदद मिलती है।’ आईआईटी के अलावा, सैमसंग द्वारा बिट्स पिलानी, आईआईआईटी, एनआईटी, दिल्‍ली टेक्‍नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, मणिपाल इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी और आईआईएससी बेंगलूरु जैसे अन्‍य टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों से भी छात्रों की नियुक्ती की जाएगी। आईआईटी और अन्‍य इंजीनियरिंग कॉलेजों को मिलाकर सैमसंग करीब 1,000 इंजीनियरों की नियुक्त करेगा। कुल मिलाकर इस साल कंपनी ने 350 पीपीओ की पेशकश की है। सैमसंग अब तक कंप्‍यूटर विज्ञान, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं संचार, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इंफॉर्मैशन टेक्नोलॉजी जैसे विषयों से इंजीनियरों को नियुक्त करताआ रहा है लेकिन वाधवन ने कहा कि गणित एवं कंप्‍यूटिंग और इंस्‍ट्रूमेंटेशन जैसे विषयों को भी हाल ही में शामिल कर लिया गया है। वाधवन ने कहा,‘आरएंडडी हमें मुख्‍य तौर पर दूसरों से अलग करता है और हम भारत की बौद्धिक पूंजी का लाभ उठाना जारी रखेंगे और जिन क्षेत्रों में हम काम करते हैं, उनमें सबसे ज़्यादा इनोवेटिव कंपनी के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को तेज़ी से आगे बढ़ाते रहेंगे।’ सैमसंग ने पिछले साल कहा था कि वह अपने आरएंडडी ऑपरेशन्स के लिए अगले 3 साल में करीब 2,500 इंजीनियरों की नियुक्ति करेगा। साल 2017 में सैमसंग ने वैश्विक स्‍तर पर आरएंडडी पर 15 अरब डॉलर से अधिक खर्च किए। इसी साल अगस्‍त में कंपनी ने घोषणा की थी कि वह चार उभरती टेक्नोलॉजी- एआई, 5G,ऑटोमोटिव इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स कॉम्पोनेंट और बायोफार्मास्‍युटिकल्‍स पर अगले तीन सालोंमें वैश्विक स्‍तर पर 22 अरब डॉलर का निवेश करेगी। कंपनी के आरएंडडी सेंटर भारत में पेटेंट दायर करने में भी अग्रणी रहे हैं और देश में अब तक 2,900 से ज़्यादा पेटेंट के लिए आवेदन कर चुके हैं। आरएंडडी सेंटर्स ने ही इनोवेशन और पेंटेंट दायर करने की संस्‍कृति को तैयार करने का काम किया है। उदाहरण के लिए,कंपनी का भारत में पहला आरएंडडी सेंटर, बेंगलूरु स्थित आरएंडडी इंस्टिट्यूटजिसे 1996 में स्थापित किया गया था, की विशेष इन-हाउस टीम कंपनियों में व्‍यवस्थित पेटेंट क्रिएशन का प्रशिक्षण देती है। इस प्रशिक्षण से आरएंडडी सेंटर्स के इंजीनियरों को यह समझने में मदद मिली कि वास्‍तव में इनवेंशन क्‍या है, वे उसकी पहचान कैसे कर सकते हैं और पेटेंट के लिए आवेदन कैसे किया जाता है। अगले चरण में टीम ने उन्‍हें उनके आविष्‍कार,इनोवेशन में सुधार करने में मदद की ताकि सैमसंग के पेटेंट पोर्टफोलियो में कर्मचारी अपना योगदान देना शुरू कर सकें। पिछले कुछ सालों में सैमसंग के भारतीय आरएंडडी सेंटर्स ने वै‍श्विक उत्‍पादों में योगदान देने के साथ-साथ अपने मेक इन इंडिया इनीशियेटिव के तहत स्‍थानीय बाज़ार के लिए भारत केंद्रित इनोवेशन्स भी तैयार किए हैं। मेक फॉर इंडिया इनोवेशन का एक लेटेस्ट उदाहरण चैट ओवर वीडियो फीचर है जो बिना रुके वीडियो देखने की युवाओं की जरूरतों को पूरा करता है। चैट ओवर वीडियो मोबाइल डिवाइस पर वीडियो देखने के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर रखता है और यह सुनिश्चित करता है कि वीडियो चलती रहे और साथ ही यह चैटिंग जारी रखने के लिए एक ट्रांसपेरंट कीबोर्ड भी प्रदान करता है।