सुलतानपुर। मुख्यमंत्री अखिलेश के करीबी मंत्री गायत्री की लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद सदर विधायक अरूण वर्मा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गयी है। आरोप है कि अखिलेश के करीबी होने के चलते पुलिस अभी तक हाथ पर हाथ धरे बैठी थी।

गैंगरेप पीड़िता की हत्या के बाद जयसिंहपुर कोतवाली में विधायक अरूण वर्मा और उनके सहयोगियो पर मुकदमा दर्ज हुआ था। विधायक अरूण वर्मा सीएम अखिलेश के बेहद करीबी माने जातेें हैं। इन्हे जीत दर्ज कराने के लिए यूपी सीएम ने दो बार जनसभा किया था। अभी तक इस मामले में पुलिस ने कोई कार्यवाही किया था। सूत्रों की मानें तो स्थानीय प्रशासन सहित खुफिया विभाग ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

क्या है मामला

थाना जयसिंहपुर क्षेत्र के चोरमा गांव की निवासी एक युवती ने अक्टूबर 2017 को सियासी गलियारे में तहलका मचा दिया था। युवती ने सपा विधायक अरुण वर्मा समेत लगभग आधा दर्जन व्यक्तियों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए कोतवाली नगर में मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिसमें सत्ता के दबाव के चलते सीओ ने अरुण वर्मा को क्लीनचिट दे दिया था और मामला फिलवक्त न्यायालय में विचाराधीन था। जिसमें पीड़िता के पिता ने 319 की अर्जी न्यायालय में दाखिल की थी और सुनवाई होने के पहले ही गैंगरेप पीड़िता की 12 फरवरी 2017 को हत्या कर दी गयी। जिसमें पीड़िता के पिता की तहरीर पर सपा विधायक अरुण वर्मा पर हत्या का मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन हत्यारोपी विधायक अरुण की गिरफ्तारी की जहमत जिला प्रशासन नहीं कर सका। अभी तक अखिलेश के चहेतें अरुण का सिक्का कायम दिखता नजर आ रहा है। गायत्री के गिरफ्तारी के बाद खुफिया विभाग ने अरुण वर्मा प्रकरण की रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी। रिपोर्ट से विधायक अरूण वर्मा की परेशानी बढ़ती दिख रही है।