अपने मुल्क के दाढ़ी वालों से मोदी को नफरत क्यों?

अपने मुल्क के दाढ़ी वालों से मोदी को नफरत क्यों?

अलीगढ: एआईएमआईएम के अध्यक्ष असद्दुदीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोटरों के लुभाने के लिए हर दांव खेलना शुरू कर दिया है. अलीगढ़ में एक चुनावी सभा में ओवैसी ने मुस्लिमों से जल्लीकट्टू को लेकर तमिलनाडु के लोगों की तरह एकजुट होने की अपील की. ओवैसी ने पीएम मोदी को भी निशाने पर लिया. ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी हिंदुस्तान के कानून पर आस्था रखती है. यही वजह है कि पार्टी कमज़ोर तबकों की लड़ाई के लिए उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ रही है. अलीगढ़ में अपनी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा को सम्बोधित करने आए ओवैसी ने तमिलनाडु की जनता की मिसाल देते हुए कहा कि वहां की जनता ने अपनी संस्कृति को बचाने के लिए पूरे तमिलनाडु को बंद कर दिया. उसी तरह अगर मुसलमानों को अपनी इज्जत और सम्मान को बचाना है तो तमिलनाडु की जनता की तरह ही अपनी शक्ति का प्रदर्शन करें. अब अपनों का साथ दें. मुसलमान ने 65 साल दूसरों पर भरोसा किया, अब अपनों पर भरोसा करें मुसलमान। उन्होंने एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को बहाल कराने के लिए संघर्ष करने को कहा। ओवैसी ने कहा कि इस्लामी मुल्क के नेता का प्रधानमंत्री इस्तकबाल झुककर कर रहे हैं, इसके बावजूद कि उनके दाढ़ी है. तो फिर अपने मुल्क के दाढ़ी वालों से मोदी को नफरत क्यों है?

ओवैसी ने कहा कि जो लोग हमें ये बता रहे हैं कि हम निकाह कैसे करें, तलाक़ कैसे दें, उनको मालूम होना चाहिए कि ये हमारी हज़ारों साल पुरानी संस्कृति है. जैसे तमिलनाडु के लोगों ने अपनी संस्कृति की हिफाज़त की है, हम भी करेंगे.

उन्होंने कहा कि अखिलेश और मोदी छोटे मियां बड़े मियां हैं. दोनों विकास की बात कर रहे हैं, लेकिन दोनों ने विनाश किया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया. अखिलेश ने 2012 में कहा था कि कोई दंगा नहीं होगा. लेकिन मुज़फ़्फ़रनगर में दंगा हुआ. 2012 में वादा किया था कि बेगुनाह जेल में बंद मुस्लिम युवकों को छोड़ा जाएगा, लेकिन नहीं छोड़ा गया.

ओवैसी ने कहा कि पांच सालों में केवल यादवों का विकास हुआ. अखिलेश पहले अपने बाप के हो जाएं, फिर गरीबों के होने की बात करें. ओवैसी ने सपा के नए घोषणापत्र में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को घी देने के वादे का मज़ाक उडाते हुए कहा कि कौन सी भैंस के दूध का घी देंगे. नेता जी की एक भैंस तो बाहर भाग चुकी है.