सूबे में नौकरियों की बोली लगाई गई:  शलभ मणि त्रिपाठी

सूबे में नौकरियों की बोली लगाई गई: शलभ मणि त्रिपाठी

लखनऊ: भाजपा ने सीपीएमटी पेपर लीक काण्ड के आरोपियों को बचाने की जुगत में लगी अखिलेश सरकार को आडे हाथों लेते हुए कहा कि नौकरियों में लूटमार, बेरोजगारी की है भरमार, जी हाँ ये है अखिलेश सरकार।

प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि सीपीएमटी परीक्षा पेपर लीक कांड के मुख्य आरोपियों को बचाने की यूपी पुलिस की कोशिशों से ये साफ हो गया है कि अखिलेश सरकार ने पिछले पाँच सालों के दौरान प्रदेश के नौजवानों के भविष्य के साथ सिर्फ और सिर्फ खिलवाड़ किया। सूबे में नौकरियों की बोली लगाई गई। सिपाही से लेकर पीसीएस की परीक्षा तक में जम कर भ्रष्टाचार हुआ। खुद माननीय अदालतों ने भी कई बार नौकरियों में हो रहे भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए, पर नैतिकता खो चुकी अखिलेश सरकार भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई करने की बजाए उनको बचाने में जुटी रही।

शलभ ने कहा कि पाँच सालों के दौरान अखिलेश सरकार ने लोक सेवा आयोग जैसी संस्था तक को नहीं बख्शा। आयोग के भ्रष्ट चेयरमैन अनिल यादव के रहते आयोग में भर्तियाँ की बोली लगाई गई। उन नौजवानों का हक लूट लिया गया जो अपने माँ बाप का सपना पूरा करने के लिए दिन रात एक कर पढ़ाई करते हैं, विरोध करने पर इन नौजवानों पर बेरहमी से लाठियां बरसाईं गईं। उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे लिख कर उनका कैरियर तबाह कर दिया गया। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि अनिल यादव को बचाने के लिए यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट तक गई। इस सरकार में कोई भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होने दी गई। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग में भी भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। इस आयोगों के सदस्यों और चेयरमैनों को लेकर भी अदालतों ने तल्ख टिप्पणियाँ कीं। बेरोजगारी की ऐसी हालत कर दी गई कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की करीब साढ़े तीन सौ पदों के लिए 23 लाख से ज्यादा नौजवानों ने आवेदन कर डाले। हाल ही में सफाई कर्मचारियों की भर्ती परीक्षा के लिए भी पीएचडी अहर्ता वाले नौजवानों तक को नाले की सफाई के लिए उतार दिया गया।

श्री शलभ ने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही सपा और बसपा शासनकाल में हुए हर भ्रष्टाचार और अपराध के दोषियों का सिर्फ जेल ही ठिकाना होगा