कुशल मैनपावर उपलब्ध कराने में यूपीईएस की महत्वपूर्ण भूमिका: के डी त्रिपाठी

कुशल मैनपावर उपलब्ध कराने में यूपीईएस की महत्वपूर्ण भूमिका: के डी त्रिपाठी

यूपीईएस का 14वां दीक्षान्त समारोह संपन्न, 1854 विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां

देहरादून: एशिया के सबसे बड़े कोर सेक्टर विश्वविद्यालय युनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एण्ड एनर्जी स्टडीज़ (यूपीईएस) ने आज अपने 14वें सालाना दीक्षान्त समारोह के दौरान 53 विभिन्न प्रोग्रामों के 1854 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। कार्यक्रम का आयोजन देहरादून के बिदहोली स्थित युनिवर्सिटी परिसर में किया गया और इसकी अध्यक्षता उत्तराखण्ड के राज्यपाल महामहिम डॉ. के. के. पॉल ने की, जिन्होंने दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित भी किया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव के डी त्रिपाठी इस मौके पर मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव के डी त्रिपाठी ने कहा, ‘‘भारत सरकार की कुशल भारत पहल सरकारी संस्थाओं को अकादमिक एवं ओद्यौगिक संस्थानों के साथ जोड़ने तथा देश के विकास का खाका तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यूपीईएस कुशल मैनपावर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देश के सभी कोर सेक्टरों में युवा प्रतिभा की आवश्यकता है। तेज़ी से बदलती प्रोद्यौगिकी के इस दौर में अपने आप को ज्ञान और कौशल के साथ अपडेट रखना बेहद ज़रूरी है। हर विद्यार्थी अपने विश्वविद्यालय की एक शाखा है और वह जहां भी जाए उसे अध्ययन और अध्यापन की संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए।’’ इस मौके पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल महामहिम डॉ. के. के. पॉल ने अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा ‘‘यूपीईएस के द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता तथा उत्तराखण्ड के लोगों के विकास में युनिवर्सिटी का योगदान सराहनीय है। यूपीईएस जैसे संस्थानों की वजह से ही देहरादून को अब देश के शैक्षणिक हब के रूप में जाना जाता है। राज्य को अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों के संचालन के लिए ऐसे और शिक्षा संस्थानों की आवश्यकता है। ताकि एक ऐसे अकादमिक-ओद्यौगिक इन्टरफेस का निर्माण किया जा सके जो बड़े पैमाने पर समाज के लिए फायदेमंद हो।’’ 6 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से, 47 विद्यार्थियों को रजत पदक से सम्मानित किया गया। इसी तरह 3 विद्यार्थियों को संस्थागत पदक और 5 विद्यार्थियों को एक्ज़क्टिव प्रोग्राम कैटेगरी में पदक दिए गए। संचय मुखर्जी को बेस्ट कोरपोरेट स्टूडेन्ट 2016 के लिए सिद्धु माूल एण्ड सन्स गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया, भावेश गुप्ता को आउटस्टैण्डिंग पोस्ट ग्रेजुएशन स्टूडेन्ड ऑफ ऑयल एण्ड गैस सेक्टर 2016 के लिए नारायण सहाय गोल्ड मैडल से सम्मानित किया गया तथा अनुप्रीति बी को आउटस्टैण्डिंग पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेन्ट ऑफ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग स्टडीज़ 2016 के लिए आई. एन. मेहता गोल्ड मैडल से सम्मानित किया गया। यूपीईएस के सीईओ एवं अध्यक्ष श्री उतपल घोष ने पुरस्कार विजेताओं एवं नए स्नातकों को बधाई दी और उन्हें अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में अकादमिक अनुसंधान की आवश्यकता पर भी बल दिया। श्री घोष ने कहा मैं स्नातक की उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देता हूँ। यूपीईएस से शिक्षा प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को अच्छी नौकरियां मिली हैं अथवा वे उच्च शिक्षा के लिए जा रहें हैं। मुझे विश्वास है कि वे यूपीईएस की ज्ञान एवं कौशल निर्माण की संस्कृति को अपने पेशेवर कैरियर में बरक़रार रखेंगे। विश्वविद्यालय में अध्ययन, अध्यापन की गुणवत्ता इसके द्वारा किए जाने वाले अनुसंधान एवं विकास कार्यों से सम्बन्धित है। इसलिए, यूपीईएस में हम एक आश्वस्त, कुशल अकादमिक अनुसंधान समुदाय के विकास हेतू तत्पर हैं।

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