साम्प्रदायिकता के खिलाफ एक मंच पर आएं क्रांतिकारी कम्युनिस्ट: रामचन्द्रन

साम्प्रदायिकता के खिलाफ एक मंच पर आएं क्रांतिकारी कम्युनिस्ट: रामचन्द्रन

भाकपा(माले) रेड स्टार का दसवां महाधिवेशन शुरू 

लखनऊ: भाकपा(माले) रेड स्टार के गांधी भवन में दसवें महाधिवेशन के खुल सत्र का उद्घाटन करते हुए पार्टी के महासचिव के.एन. रामचन्द्रन ने कहा कि कारपोरेट राज और साम्प्रदायिकता के खिलाफ क्रांतिकारी कम्युनिस्टों को एक मंच पर आना होगा। 

उन्होंने कहा कि भारत आज अति दक्षिणपंथी ताकतों की गिरफ्त में है जिससे साम्प्रदायिकता विभिन्न रूपों में आक्राकमता ग्रहण कर रही है। केन्द्र सरकार कारपोरेट घरानों के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रही है। हमें कारपोरेट लूट और साम्प्रदायिकता के खिलाफ चैतरफा जन आन्दोलन तेज करना होगा तथा इन आन्दोलनों की अगुवाई करने के लिए क्रांतिकारी कम्युनिस्टों को एक साथ आना होगा।

‘उद्घाटन सत्र’ में स्वागत समिति के अध्यक्ष कामरेड सी.बी. सिंह ने देश-विदेश के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए क्रांतिकारी कम्युनिस्टों की एकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दी क्षेत्र की क्रांतिकारी विरासत को बुलन्द करके ही हम आगे का रास्ता खोज सकते हैं।

उद्घाटन सत्र में अपनी बात रखते हुए बंग्लादेश की कम्युनिस्ट पार्टी के केन्द्रीय कमेटी सदस्य कामरेड अशरफ हुसैन ने कहा कि बंग्लादेश में जनता एक तरफ तो जन-विरोधी सत्तापक्ष और दूसरी तरफ कट्टरपंथी विपक्ष की राजनीति से लड़ रही है। उन्होंने भारत और बंग्लादेश की आवामी एकता पर जोर पर जोर दिया। श्रीलंका की माक्र्सवादी लेनिनवादी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के केन्द्रीय कमेटी सदस्य श्रीप्रकाश इस अवसर पर कहा कि दक्षिण एशिया में क्रांतिकारी आन्दोलन को एक मंच पर आना होगा। उन्होंने दसवें महाधिवेशन की सफलता की कामना करते हुए कहा कि भाकपा(माले) रेड स्टार ने श्रीलंका में राष्ट्रीयता के सवाल पर सही रूख अपना है जिससे में हमें काफी बल मिला है।

जर्मनी की माक्र्सवादी-लेनिनवादी पार्टी के केन्द्रीय कमेटी सदस्य कामरेड क्लाउस ने कहा कि भारत में क्रांतिकारी वामपंथ का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी भाकपा(माले) रेड स्टार के साथ अपनी एकता को मजबूत करेंगे। हमें उम्मीद है कि एशिया में साम्राज्यवाद की कब्रगाह बनेगी। इसके अलावा, फिलिपीन्स, पेरू, इरान, मलेशिया, युगोस्लाविया, तुर्की, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, मोरक्को, फिलिस्तीन आदि देशों के क्रांतिकारी वामपंथी संगठनों द्वारा भेजे गये संदेशों को पढा गया। भारत से एमएलआरओ, नव जनवादी लोक मंच एवं अन्य संगठनों ने सम्मेलन के लिए शुभकामना व्यक्त करते हुए मौजूदा परिस्थितियों में क्रांतिकारी वामपंथ की एकता पर जोर दिया।

इसके पश्चात, एकता सत्र का आयोजन किया गया जिसमें भाकपा(माले) रेड फ्लैग के कामरेड प्रदीप सिहं ठाकुर, माक्र्सवादी-लेनिनवादी कमेटी आन्ध्र प्रदेश के कामरेड वेन्कटेशवर राव, उप्र क्रांतिकारी गु्रप के कामरेड मंगल तथा राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी के क्रांतिकारी पक्ष की निशा रावत ने सम्बोधित किया। एकता सत्र में इन संगठनों ने भाकपा(माले) रेड स्टार के एकता की घोषणा की।

महाधिवेशन के खुले सत्र के पूर्व शहीद स्मारक पर शहीदों केा पुष्पांजलि भेंट की गई और सभागार, जिसे कामरेड चारू मजूमदार सभागार का नाम दिया गया है, के समक्ष पार्टी के महासचिव ने झण्डा फहराया। इस खुले सत्र की अध्यक्षता, पी.जे. जेम्स, शर्मिष्ठा चैधरी, उर्मिला, आर मनसैय्या और उमाकान्त ने की।

Lucknow, Uttar Pradesh, India