सुरक्षित बैंकिंग और कम्प्यूटर के इतिहास पर विस्तार व्याख्यान का आयोजन

सुरक्षित बैंकिंग और कम्प्यूटर के इतिहास पर विस्तार व्याख्यान का आयोजन

लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती,उर्दू अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर साइंस विभाग द्वारा एक विस्तार व्याख्यान विषयक"Information Security - threats and countermeasures in banking industry"  के संदर्भ में आयोजित  किया गया। इस अवसर पर इन्स्टिट्यूट आॅफ इन्फाॅरमेशन टेकनाॅलाजी, पंजाब नेशनल बंैक लखनऊ के उपप्रबंधक प्रमोद दीक्षित ने बैंकिग क्षेत्र में हो रहे अपराध पर प्रासंगिक तौर पर प्रकाश डाला ,उदाहरण के तौर पर फिशिंग अटैक्स, विशिंग अटैक्स, ए0टी0एम0 स्किमर्स, डेबिट/क्रेडिट कार्ड की कलोनिग, इंटरनेट बंैकिग कीलाॅगर इत्यादि । उन्होनें फिशिंग एवं विशिंग के मुख्य अंतर पर प्रकाश डाला और बताया कि कि हमें अपने बैंक खाते से सम्बन्धित  व्यक्तिगत जानकारी जैसे पिन नंबर, आई0 डी0 नंबर, खाता नंबर किसी को दिखाना नही चाहिए। उन्होनें सुझाव दिया  कि अनाधिकृत वेबसाइट्स धोखधड़ी मेल्स के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होनें साइबर कैफ में इन्टरनेट बंैकिग द्वारा पैसे के लेन-देन से बचनें का भी सुझाव दिया।

दूसरा विस्तार व्याख्यान विषयक "Role of Digital System in Computer" आयोजित हुआ जिसमें वक्ता आनन्द कुमार राय, विभागाध्यक्ष, कम्प्यूटर सांइस विभाग,(मुमताज पी0 जी0 काॅलेज लखनऊ) ने इस विषय पर चर्चा की। चर्चा के मध्य में उन्होंने कम्प्यूटर  इतिहास पर प्रकाश डालते हुए एनालाॅग एंव डिजिटल कम्प्यूटर के अन्तर को स्पष्ट किया तथा डिजिटल सिस्टम के लाभ के बारे में विशेष जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से डिजिटल सर्किट जैसे इनकोडर, डीकोडर, मल्टीप्लकसर, डी-मल्टीप्लकसर एंव क्लाॅक पल्स के बारे में भी बताया। भविष्य में उन्होंने कवाॅन्टम सिस्टम के आने की सम्भावना व्यक्त  की। 

अंततः असिस्टेन्ट प्रोफेसर मज़हर खालिक, कम्प्यूटर साइंस विभाग ने धन्यवाद ज्ञापन दिया । इसके अतिरिक्त संकाय के सभी सदस्य डा0 अल्का, श्री सौरभ सिंह राठौर के साथ साथ स्टाफ और छात्र छात्राओं की बडी संख्या कार्यक्रम में उपस्थित थी।

Lucknow, Uttar Pradesh, India