वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रही सरकार: राज्यपाल

वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रही सरकार: राज्यपाल

राज्यपाल ने विधान मण्डल के दोनों सदनों के प्रथम सत्र  के समवेत अधिवेशन को सम्बोधित किया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज यहां उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के वर्ष 2015 के दोनों सदनों के प्रथम सत्र के लिए आहूत एक साथ समवेत अधिवेशन को सम्बोधित किया। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए सदस्यों से प्रदेश को तीव्र गति से आगे ले जाने के लिए सरकार को सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रही है। सरकार ने लगभग सभी वादों को पूरा भी किया है। सरकार हर वर्ष विकास का एजेण्डा निर्धारित करते हुए उस पर प्रभावी कार्रवाई करती है। इस प्रकार प्रदेश के गरीबों, कृषकों, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, युवाओं के साथ-साथ सभी वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। 

राज्यपाल ने कहा कि सरकार के कुशल प्रबन्धन एवं सद्प्रयासों से वर्ष 2013-14 के लिए अद्यावधिक अनुमानों के अनुसार प्रदेश की विकास दर 5 प्रतिशत आकलित हुई है, जो देश की विकास दर 4.7 प्रतिशत से अधिक है। वर्ष 2012-13 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 33,482 रुपये आकलित हुई थी, जो वर्ष 2013-14 में बढ़कर 36,250 रुपये आकलित हुई है।  

राज्यपाल ने प्रगति के लिए अवस्थापना सुविधाओं को जरूरी बताते हुए कहा कि लगभग 15,000 करोड़ रूपए की लागत के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। इससे प्रदेश की राजधानी तक सुगमता से पहुंचने के साथ-साथ सम्पूर्ण क्षेत्र में औद्योगिक विकास होगा एवं किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। प्रत्येक जनपद को 4 लेन की सड़कों से जोड़ने तथा 4 शहरों में मेट्रो की व्यवस्था करने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया गया है। लखनऊ नगर में मेट्रो का कार्य धरातल पर शुरू हो गया है। सरकार के इन प्रयासों के फलस्वरूप निजी क्षेत्र में बड़ी-बड़ी कम्पनियां परियोजनाएं लगाने के लिए तत्पर हुई हैं। लखनऊ नगर में 18.64 एकड़ क्षेत्रफल में 615.44 करोड़ रूपए की लागत से जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र तथा 376 एकड़ हरित पट्टी पर 321.96 करोड़ रूपए की लागत से जनेश्वर मिश्र पार्क का विकास प्रगति पर है। 

विद्युत उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प है, इसलिए वर्ष 2014-15 में ऊर्जा विभाग के बजट में रिकार्ड वृद्धि की गई। वर्ष 2011-12 में जहां ऊर्जा विभाग का कुल बजट 8,933 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2014-15 में बढ़ाकर 33,717 करोड़ रुपये कर दिया गया। विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य करने के अलावा सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी काफी प्रगति हुई है। कुछ दिनों पूर्व जनपद महोबा में 10 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्लाण्ट की शुरूआत होने की जानकारी देते हुए राज्यपाल ने बताया कि बुन्देखण्ड सहित प्रदेश में कई और परम्परागत एवं सौर ऊर्जा प्लाण्ट संचालित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश को पर्याप्त, बेहतर एवं निर्बाध विद्युत उपलब्ध हो सके। 

समाजवादी पेंशन योजना की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पूरे देश में यह सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम है, जिसमें 40 लाख ऐसे परिवारों, जो पूर्व में विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं, के सीधे बैंक खाते में धनराशि प्रेषित की जा रही है। इतने बड़े पैमाने पर कोई भी सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम किसी भी राज्य सरकार द्वारा लागू नहीं किया गया है। राज्य सरकार को किसानों के हितों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में निःशुल्क सिंचाई व्यवस्था लागू की गई है। कामधेनु योजना और कुक्कुट विकास नीति के तहत सैकड़ों किसानों को न केवल रोजगार मिला है, बल्कि दुग्ध सहित पशु उत्पादों की दिशा में अच्छा कार्य हुआ है। 

राज्य सरकार द्वारा जहां ‘108’ समाजवादी स्वास्थ्य सेवा और ‘102’ नेशनल एम्बुलेंस सर्विस के तहत सफलतापूर्वक एम्बुलेंस संचालित कर लाखों लोगों को आकस्मिक इलाज की सुविधा प्रदान कराई गई, वहीं सरकारी मेडिकल काॅलेजों में एम.बी.बी.एस. की 500 सीटें बढ़ाकर होनहार बच्चों के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अधिक अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। आगे आने वाले समय में सहारनपुर एवं बांदा के राजकीय मेडिकल काॅलेज संचालित हो जांएगे और लखनऊ में अत्याधुनिक कैंसर इंस्टीट्यूट का निर्माण कार्य भी प्रारम्भ हो जाएगा। जनपद बस्ती, बहराइच, फैजाबाद, फिरोजाबाद व शाहजहांपुर के जिला अस्पतालों को उच्चीकृत करते हुए मेडिकल काॅलेज स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। प्राथमिक विद्यालयों में हजारों नये शिक्षकों की भर्ती के साथ-साथ शिक्षा मित्रों का समायोजन किया गया है। इससे काफी हद तक शिक्षकों की कमी पूरी हुई है। 

इसी वर्ष सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर को क्रियाशील करने तथा बिजनौर, अम्बेडकरनगर एवं बांदा के राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेजों को इनके नवनिर्मित भवनों में संचालित कराने का प्रयास किया जाएगा। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस वर्ष सरकारी क्षेत्र में काफी संख्या में नौकरियां दी जाएंगी। इसके लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन किया गया है। इसी प्रकार कौशल विकास मिशन में 1 लाख से अधिक युवक-युवतियों को रोजगारपरक शिक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिलाने के लिए हाल ही में 9 प्रतिष्ठित कम्पनियों के साथ अनुबन्ध निष्पादित किया गया है। 

राज्य सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें 1090 वुमेन पावर लाइन प्रमुख है। इस व्यवस्था के माध्यम से अब तक 2.5 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता पहुंचाई गई है। इसके साथ ही 1090 मोबाइल एप भी शुरू किया गया है। महिलाओं के सशक्तीकरण हेतु रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष तथा आशा ज्योति केन्द्रों की स्थापना का निर्णय भी लिया गया है। इसके अलावा महिला उद्यमी योजना भी संचालित की जा रही हैै। सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के सर्वांगीण हितों की रक्षा के साथ-साथ उनकी अशिक्षा और बेरोजगारी समाप्त करने के लिए भी काम कर रही है। पहली बार 29 विभागों में संचालित 68 योजनाओं में अल्पसंख्यकों के लिए 20 प्रतिशत मात्राकृत लक्ष्य निर्धारित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। सरकार प्रदेश में अपराध नियंत्रण हेतु कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रति प्रतिबद्ध है। पिछले 1 वर्ष में इस दिशा में तत्परता से काम किया गया है। विगत वर्षों में अराजकता फैलाने के प्रयासों के बावजूद राज्य सरकार सामाजिक सद्भाव कायम करने में सफल रही है। सरकार किसी भी स्थिति में साम्प्रदायिकता बर्दाश्त नहीं करेगी। 

अपने सम्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि जनता को बेहतर सुविधा देने और आईटी उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए गम्भीरता से काम किया जा रहा है। इस दिशा में लखनऊ में एचसीएल जैसी प्रतिष्ठित कम्पनी द्वारा आईटी सिटी की स्थापना की जा रही है। इन्फोसिस कम्पनी द्वारा भी प्रदेश में निवेश किया जा रहा है, वहीं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे वेबसाइट के माध्यम से दिए जाने की व्यवस्था की गई है। सरकार ने 12वीं पंचवर्षीय योजना एवं कृषि नीति 2013 के अंतर्गत कृषि क्षेत्र की विकास दर 5.1 प्रतिशत प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 15 जनवरी, 2015 तक खरीफ एवं रबी के लिए 51470.93 करोड़ रूपए का फसली ऋण वितरित किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष में इसे लगभग 84 हजार करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है। किसानों को पर्यावरण हितैषी सोलर फोटो बोल्टिक इरीगेशन पम्प स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

राज्यपाल ने कहा कि उनकी सरकार ने जनकल्याण के क्षेत्र में समर्पित और सुविचारित नीतियों से प्रदेश में एक ऐसा माहौल तैयार करने का प्रयास किया है, जहां से विकास और समृद्धि के अनेक पथ निकलते हैं। पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान, पर्यावरण आदि सभी क्षेत्रों में वर्तमान जरूरतों एवं नये परिवेश को ध्यान में रखते हुए काम किया जा रहा है। निश्चित रूप से राज्य सरकार के इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश अन्य अग्रणी प्रदेशों की भांति अग्रिम पंक्ति में पुनः खड़ा हो सकेगा। 

Lucknow, Uttar Pradesh, India