विश्व कप: ऑस्ट्रेलिया की धमाकेदार शुरुआत

विश्व कप: ऑस्ट्रेलिया की धमाकेदार शुरुआत

चिरप्रतिद्वंदी इंग्लैंड को 111 रन से हराया

मेलबर्न : सलामी बल्लेबाज आरोन फिंच के टूर्नामेंट के पहले शतक के बाद मिशेल मार्श के पांच विकेट की मदद से मेजबान आस्ट्रेलिया ने आज विश्व कप के अपने पहले मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को 111 रन से हरा दिया।

फिंच के 135 रन और ग्लेन मैक्सवेल की 40 गेंद में 66 रन की पारी की बदौलत आस्ट्रेलिया ने आज यहां नौ विकेट पर 342 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टीवन फिन ने आखिरी तीन गेंद पर तीन विकेट लेकर विश्व कप 2015 की पहली हैट्रिक बनाई लेकिन आस्ट्रेलिया तक तक विशाल स्कोर बना चुका था।

जवाब में इंग्लैंड की टीम 41.5 ओवर में 231 रन ही बना सकी। जेम्स टेलर 98 रन बनाकर नाबाद रहे चूंकि उन्हें दूसरे छोर से कोई सहयोग नहीं मिल सका। खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही आस्ट्रेलिया के लिये मार्श ने नौ ओवर में 33 रन देकर पांच विकेट लिये जबकि मिशेल स्टार्क और मिशेल जानसन को दो दो विकेट मिले। एक समय पर इंग्लैंड के छह विकेट 92 रन पर गिर गए थे लेकिन टेलर और क्रिस वोक्स ने सातवें विकेट के लिये 92 रन की साझेदारी करके टीम को संकट से निकालने की कोशिश की। उस समय तक जरूरी रनरेट इतना अधिक हो चुका था कि वापसी लगभग नामुमकिन थी।

इससे पहले टास हारकर बल्लेबाजी करने उतरे आस्ट्रेलिया की ओर से फिंच ने 128 गेंद में 135 रन की पारी खेली जिसके बाद मैक्सवेल की तूफानी पारी से आस्ट्रेलियाई टीम मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही।

फिंच ने अपनी पारी के दौरान 12 चौके और तीन छक्के मारे जबकि मैक्सवेल ने 11 चौके जड़े। उन्होंने अपने घरेलू मैदान पर वेलेंटाइन डे पर टूर्नामेंट का पहला शतक जड़ा। कप्तान जार्ज बैली ने भी 69 गेंद में 55 रन की उम्दा पारी खेली और इस दौरान फिंच के साथ चौथे विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी भी की। नियमित कप्तान माइकल क्लार्क की गैरमौजूदगी में टीम की अगुआई कर रहे बैली ने अपनी पारी में तीन चौके मारे।

तीन बार के पूर्व उप विजेता इंग्लैंड की ओर से स्टीवन फिन ने 71 रन देकर पांच विकेट चटकाए जबकि स्टुअर्ट ब्राड ने भी दो विकेट हासिल किए। फिन ने आखिरी ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर ब्राड हाडिन (31), ग्लेन मैक्सवेल (66) और मिशेल जानसन (00) को पवेलियन भेजा।

फिंच को जेम्स एंडरसन की गेंद पर क्रिस वोक्स ने उस समय जीवनदान दिया जबकि उन्होंने खाता भी नहीं खोला था। ब्राड ने डेविड वार्नर (22) और शेन वाटसन (00) को लगातार गेंदों पर पवेलियन भेजकर इंग्लैंड को वापसी दिलाई। बैली और फिंच ने हालांकि चौथे विकेट के लिए 146 रन जोड़कर 90000 से अधिक संभावित दर्शकों के सामने आस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। फिंच इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन के सटीक निशाने का शिकार बनकर रन आउट हुए। बैली भी इसके बाद फिन की गेंद को विकेटों पर खेल गए।

इंग्लैंड की पारी की शुरूआत बेहद खराब रही और पांचवें ही ओवर में उसके सलामी बल्लेबाज मोईन अली (10) को स्टार्क ने बैली के हाथों लपकवाकर पवेलियन भेजा। मार्श ने अपना पहला विकेट गैरी बालांस के रूप में लिया जो 10 के ही योग पर फिंच को कैच थमाकर लौटे। मार्श ने 14वें ओवर में इंग्लैंड को दो करारे झटके लगातार दो गेंदों पर दिए। ओवर की चौथी गेंद पर इयान बेल (36) स्टार्क को कैच थमाकर लौटे जबकि अगली गेंद पर जो रूट (5) ने विकेट के पीछे हाडिन को कैच थमाया। इस समय इंग्लैंड का स्कोर 66 रन था। इसमें सात रन ही जुड़े थे कि कप्तान इयोन मोर्गन भी मार्श की गेंद पर हाडिन को कैच देकर लौट गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल पाये और 73 के स्कोर पर इंग्लैंड की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी।

जोस बटलर के रूप में मार्श ने पांचवां विकेट लिया। इसके बाद टेलर और वोक्स ने सातवें विकेट के लिये 92 रन जोड़कर विकेटों का पतझड़ रोकने की कोशिश की। वोक्स 36वें ओवर में जानसन की गेंद पर स्मिथ को कैच देकर आउट हुए । उन्होंने 42 गेंद में दो चौकों की मदद से 37 रन बनाए। निचले क्रम के बल्लेबाज टीम को चमत्कारिक जीत नहीं दिला सके। टेलर 90 गेंद में 11 चौकों और दो छक्कों की मदद से 98 रन बनाकर नाबाद रहे।