खतरनाक मोथा का नाश करेगा 'सेम्प्रा'

खतरनाक मोथा का नाश करेगा 'सेम्प्रा'

धानुका एग्रीटेक ने लॉन्च किया प्रभावशाली खरपतवार कीटनाशक 

लखनऊ: चीनी पैदावार में दूसरा स्थान रखने वाले देश भारत में गन्ना किसानों के लिए सिरदर्द बने मोथा खरपतवार से निजात दिलाने के लिए धानुका एग्रीटेक लिमिटेड जापानी कंपनी निसान केमिकल के सहयोग से एक क्रांतिकारी प्रोडक्ट लेकर आयी है जिसके प्रयोग से न केवल गन्ने की पैदावार बढ़ेगी बल्कि गन्ना  किसानों के लिए कैंसर का रूप धारण कर चुके मोथा खरपतवार से छुटकारा मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। 

लखनऊ में आज धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने "सेम्प्रा" नाम के इस क्रांतिकारी प्रोडक्ट को लांच किया। इस खरपतवार नाशक "सेम्प्रा" के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए  कंपनी के ग्रुप चेयरमैन आर. जी. अग्रवाल, प्रबंध निदेशक एम. के. धानुका और वाईस प्रेजिडेंट ( बिज़नेस डेवलपमेंट) चंद्रशेखर शुक्ला ने बताया कि देश में चीनी की खपत लगभग 248 लाख मीट्रिक टन है और मौजूदा उत्पादन 250 लाख मीट्रिक टन है मगर चिंता का विषय यह है कि उत्पादन पिछले कई वर्षों से स्थिर है और खपत लगातार बढ़ रही है। एक अनुमान के अनुसार 2030 तक चीनी की खपत 330 लाख मीट्रिक टन पहुँच जाएगी।  अगर उत्पादन ऐसे ही स्थिर रहा तो समस्या खड़ी हो सकती है। श्री शुक्ला ने बताया की गन्ना पैदावार में सबसे बड़ी बाधा मोथा खरपतवार है। ऐसे में "सेम्प्रा" नामक खरपतवार नाशक गन्ना किसानों के लिए एक बहुत बड़ी राहत साबित होगा जिसके उपयोग से खतरनाक मोथा खरपतवार पर बड़ी हद तक काबू पाया जा सकता है । 

श्री अग्रवाल ने बताया कि कंपनी ने उत्तर प्रदेश के लिए 100 धानुक डॉक्टर तैयार किये हैं जो प्रदेश की कुछ बड़ी गन्ना मिलों के साथ मिलकर "सेम्प्रा" के उपयोग और फायदों के बारे में पूरी जानकारी दंगे। उन्होंने बताया की "सेम्प्रा" गन्ने की फसल के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और CIB द्वारा अनुमोदित है ।