गाड़ियों का बजट लैप्स हुआ तो होगा विभागाध्यक्ष का घेराव

गाड़ियों का बजट लैप्स हुआ तो होगा विभागाध्यक्ष का घेराव

लोनिवि चालक संघ ने दी चेतावनी

लखनऊ। लोक निर्माण विभाग राजकीय वाहन चालक संघ के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह, महामंत्री रामफेर पाण्डेय ने संयुक्त रूप से कहा कि विभाग को प्रतिवर्ष मिलने वाले बजट में गाड़ियों का बजट भी होता है। कण्डम गाडि़यों की सर्व रिपोर्ट के बाद नई गाडि़यों का क्रय किया जाता है। विभाग को इस वित्तीय वर्ष में कण्डम गाड़ियों के मद में नई गाड़ियों  के लिए 54 लाख रूपये प्राप्त हुए हैं, लेकिन अब तक सर्व रिपोर्ट न दिये जाने के कारण नई गाड़ियों की खरीद का प्रस्ताव तैयार नही किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियता की टालू प्रवृत्ति के चलते अगर सात गाडि़यों के लिए जारी उक्त बजट वापस गया तो प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष का घेराव किया जाएगा। 

संघ के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह ने कहा कि विभाग में प्रतिवर्ष गाडि़यों की खरीद के लिए सरकार बजट में प्राविधान किये हुए है ताकि एकाएक विभागों में वाहनों की कमी न हो इसलिए प्रतिवर्ष न्यूनतम धनराशि वाहन मद में प्राप्त होती है। पिछले वर्ष इसी मद से सात नई चार पहिया गाडि़याॅ खरीदी गई थी। इस वर्ष इस मद में 54 लाख रूपये है। सर्व रिपोर्ट प्रतिवर्ष मुख्य अभियंता मैकेनिकल द्वारा प्रस्तुत की जाती थी, लेकिन इस वर्ष मुख्य अभियंता मैकेनिकल एवं मुख्य अभियंता विधुत याॅत्रिक अब तक सर्व रिपोर्ट प्रस्तुत न कर रिपोर्ट का उत्तरदायित्व प्रमुख अभियंता विकास एवं विभागाध्यक्ष पर छोड़ दिया है। ऐसी स्थिति में नई गाडि़याॅ क्रय करने के मद का पैसा वापस हो सकता है। श्री त्रिलोक ने कहा कि इस तरह से एक नई परम्परा का शुरूआत की जा रही है।उनका कहना है कि क्योंकि मैकेनिकल एवं विद्युत यांत्रिक संवर्ग के मुुख्य अभियंता न होने के कारण इस संवर्ग का काम सिविल इंजीनियर्स देख रहे है परिणाम यह हो रहा है कि उनकी मंशा मैकेनिकल एवं विद्युत यांत्रिक संवर्ग के प्रति काम करने की नही रहती। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि सिविल संवर्ग के ऐसे अभियंताओं की कार्यप्रणाली इस बात का संकेत करती है कि ये विभाग से मैकेनिकल संवर्ग को समाप्त करना चाहते है। इनकी मंशा है कि वर्टिकल टेण्डर से काम कराया जाए। जबकि विभगा में अत्याधुनिक, कम्प्यूटरीकृत प्लाॅट लगे है इसके बावजूद निजी ठेकेदारों का काम देकर सरकार को दोतरफा राजस्व की क्षति पहुंचाई जा रही है। एक तरफ विभाग के प्लांट पर करोड़ों की लागत के संयत्रों को बेकाम कर दिया गया है वही इस संवर्ग के कर्मचारियों को बिना काम वेतन का भुगतान हो रहा है। बैठक मेें, बाबूलाल यादव, ’िावकुमार यादव, रमेे’ा चन्द्र सिंह, प्रदीप कुमार उपस्थिति थें।

Lucknow, Uttar Pradesh, India