ट्राई-सीरीज: स्टार्क और फिंच के आगे भारत बेबस

ट्राई-सीरीज: स्टार्क और फिंच के आगे भारत बेबस

मेलबर्न : सलामी बल्लेबाज आरोन फिंच चार रन से शतक से चूक गए लेकिन उनकी 96 रन की पारी की बदौलत आस्ट्रेलिया ने रोहित शर्मा के शतकीय प्रहार को नाकाम करते हुए त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला में रविवार को यहां भारत को चार विकेट से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज करके फाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाए।

फिंच की 127 गेंद में पांच चौकों और दो छक्कों से खेली 96 रन की पारी की बदौलत आस्ट्रेलिया ने भारत के 268 रन के लक्ष्य को 49 ओवर में छह विकेट पर 269 रन बनाकर हासिल कर लिया।

इससे पहले मिशेल स्टार्क (43 रन पर छह विकेट) के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी के सामने भारत रोहित (138) के शतक और सुरेश रैना (51) के साथ चौथे विकेट की उनकी 126 रन की साझेदारी के बावजूद आठ विकेट पर 267 रन ही बना पाया।

फिंच की पारी से आस्ट्रेलिया कुछ विषम परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्य हासिल करने में सफल रहा। फिंच ने डेविड वार्नर (24) के साथ पहले विकेट के लिए 51, शेन वाटसन (41) के साथ दूसरे विकेट के लिए 64 और कप्तान स्टीवन स्मिथ (47) के साथ तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारियां करके आस्ट्रेलिया की जीत का मंच तैयार किया।

भारत ने अंतिम ओवरों में सधी हुई गेंदबाजी के साथ वापसी करने की कोशिश की लेकिन मेजबान टीम को जीत से नहीं रोक पाया।भारत की तरफ से उमेश यादव ने 55 रन देकर दो विकेट लिये। आस्ट्रेलिया ने श्रृंखला के पहले वनडे में भी इंग्लैंड को तीन विकेट से हराया था।

भारत अब अपना दूसरा मैच 20 जनवरी को इंग्लैंड के खिलाफ खेलेगा।

लक्ष्य का पीछा करने उतरे आस्ट्रेलिया को फिंच और वार्नर ने अच्छी शुरूआत दिलाई। दोनों ने शुरूआत में भारतीय गेंदबाजों की दिशाहीन गेंदबाजी का पूरा फायदा उठाया। फिंच के उमेश यादव के पहले ओवर में ही दो चौके जड़े जबकि वार्नर ने मोहम्मद शमी का स्वागत दो चौकों के साथ किया।

वाटसन ने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने यादव पर चौके से खाता खोलने के बाद इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में भी दो चौके जड़े। फिंच 28 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब अंपायर ने उनके खिलाफ अक्षर पटेल की पगबाधा की विश्वसनीय अपील ठुकरा दी।

कप्तान धोनी ने 18वें ओवर में रविचंद्रन अश्विन (54 रन पर एक विकेट) को आक्रमण पर लगाया जिनकी अंतिम गेंद को वाटसन ने सीधे छह रन के लिए भेजा। वाटसन को अति आक्रामकता दिखाना भारी पड़ी और वह अक्षर की सीधी गेंद को पूरी तरह चूककर बोल्ड हुए। उन्होंने 39 गेंद का सामना करते हुए पांच चौके और एक छक्का मारा। फिंच ने शमी की गेंद पर दो रन के साथ 79 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। टेस्ट श्रृंखला के दौरान शानदार फार्म में रहे स्मिथ एक बार फिर लय में नजर आए। उन्होंने शमी पर चौके के बाद अश्विन के ओवर में भी दो बाउंड्री मारी।

अर्धशतक पूरा करने के बाद फिंच ने आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने कामचलाउ गेंदबाज सुरेश रैना का स्वागत लांग आन पर छक्के के साथ किया जबकि उनके अगले ओवर में भी छक्का जड़ा। आस्ट्रेलिया ने 36वें ओवर में अनिवार्य बल्लेबाजी पावर प्ले लिया। इसी ओवर में टीम के 200 रन भी पूरे हुई। मेजबान टीम ने पावर प्ले के पांच ओवर में सिर्फ 22 रन जोड़े जबकि इस दौरान स्मिथ का विकेट गंवाया। अश्विन ने शमी की गंेद पर स्मिथ का कैच लपका। उन्होंने 52 गेंद की अपनी पारी के दौरान छह चौके मारे। स्मिथ ने अपने 47वें मैच में एकदिवसीय क्रिकेट में 1000 रन भी पूरे किए।

आस्ट्रेलिया को अंतिम 10 ओवर में 50 रन चाहिए थे। यादव ने पहली ही गेंद पर फिंच को विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच कराके इस सलामी बल्लेबाज को शतक से महरूम किया। अश्विन ने इसके बाद कप्तान जार्ज बैली (05) जबकि भुवनेश्वर ने ग्लेन मैक्सवेल (20) को आउट करके मेजबान टीम पर दबाव बनाया।

ब्रैड हैडिन (नाबाद 13) और जेम्स फाकनर (नाबाद 09) ने हालांकि आस्ट्रेलिया को लगातार दूसरी जीत दिला दी। इससे पहले भारत की शुरुआत खराब रही लेकिन सलामी बल्लेबाज रोहित की 139 गेंद में नौ चौके और चार छक्के की मदद से खेली शतकीय पारी के दम पर टीम चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रही। यह रोहित का कुल छठा और आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरा शतक है।

धोनी ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने उनके इस फैसले को गलत साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक समय भारत का स्कोर 12 . 5 ओवर में तीन विकेट पर 59 रन था। स्टार्क ने पारी के पहले ओवर में ही सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (02) को दूसरी स्लिप में कैच कराया। अजिंक्य रहाणे (12) भी पदार्पण कर रहे गुरिंदर संधू (58 रन पर एक विकेट) की गेंद को कट करने की कोशिश में विकेटकीपर हैडिन को कैच दे बैठे। बेहतरीन फार्म में चल रहे विराट कोहली भी सिर्फ नौ रन बनाने के बाद जेम्स फाकनर (63 रन पर एक विकेट) की गेंद को पुल करने की कोशिश में मिड आन पर बैली के हाथों में खेल गए। रोहित ने इसके बाद रैना के साथ मिलकर पारी को संभाला। रोहित ने शुरुआत में स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी जबकि रैना ने लय में आने में समय लिया।

दोनों के बीच 50 रन की साझेदारी 23वें ओवर में पूरी हुई। इस बीच डेविड वार्नर और रोहित शर्मा के बीच ओवरथ्रो को लेकर बहस भी हुई। रोहित पर हालांकि इसका कोई असर नहीं पड़ा और दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 68 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।

अगले ओवर में रैना ने 61 गेंद में अपना 33वां अर्धशतक पूरा किया लेकिन इसी ओवर में स्टार्क की गेंद को मिड आन पर मैक्सवेल के हाथों में खेल गए। उन्होंने 63 गेंद की अपनी पारी में छह चौके मारे। पावर प्ले की शुरूआत में ही विकेट गिरने से पांच ओवर में सिर्फ 19 रन बने। कप्तान धोनी (19) और रोहित ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। रोहित ने 37वें ओवर में 109 गेंद में शतक पूरा किया। उन्होंने इस मैदान पर आस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी भारतीय बल्लेबाज का सर्वाधिक स्कोर बनाया। इससे पहले का रिकार्ड पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के नाम था जिन्होंने जनवरी 2000 में 100 रन की पारी खेली थी।

धोनी और रोहित ने 40वें ओवर में टीम का स्कोर 200 रन तक पहुंचाया लेकिन इसके बाद स्टार्क ने गेंदबाजी में वापसी करते हुए 44वें ओवर में भारतीय कप्तान और अक्षर पटेल (00) को पवेलियन भेजा। पटेल को अंपायर जान वार्ड ने पगबाधा आउट दिया जबकि रीप्ले में दिख रहा था कि गेंद लेग साइड से बाहर जा रही है।

रविचंद्रन अश्विन (नाबाद 14) ने रोहित के साथ सातवें विकेट के लिए 25 रन जोड़े। पैट कमिंस से स्टार्क की गेंद पर अश्विन का कैच छोड़ा लेकिन इस तेज गेंदबाज ने लगातार गेंदों पर रोहित और भुवनेश्वर कुमार (00) को आउट करके छह विकेट अपने नाम किए। मोहम्मद समी (नाबाद 02) ने स्टार्क को हैट्रिक से रोका। अंतिम 10 ओवर में सिर्फ 61 रन बने जबकि इस दौरान भारत ने चार विकेट गंवाए।