दिल्ली में माकन पर लगाया कांग्रेस ने दाव

दिल्ली में माकन पर लगाया कांग्रेस ने दाव

नई दिल्ली: अपनी खोई जमीन वापस पाने की चुनौती का सामना कर रही कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की 101 सदस्यीय चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख नियुक्त किया है।  पार्टी के इस कदम को तीन बार मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित की विरासत के बाद एक नए नेतृत्व की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

एआईसीसी महासचिव माकन कांग्रेस के प्रचार अभियान का चेहरा होंगे। पार्टी का यहां 1998 से 2013 के बीच 15 साल तक शासन रहा। पार्टी 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए सात फरवरी को होने वाले चुनाव में लोगों से  जांचे परखे नेताओं पर फिर भरोसा करने की अपील करेगी।  

दिल्ली प्रभारी पीसी चाको ने माकन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमने दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए एक चुनाव प्रचार समिति गठित की है। अजय माकन इस 101 सदस्यीय समिति की अगुवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 45 उम्मीदवारों की सूची को मंजूरी दे दी है और इसकी घोषणा कल की जाएगी। उन उम्मीदवारों में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी और पूर्व सांसद महाबल मिश्र शामिल हैं। 

सूत्रों ने बताया कि 50 वर्षीय माकन सदर बाजार क्षेत्र से चुनाव लडेंगे। वह 1993 से तीन बार दिल्ली विधानसभा के लिए चुने गए लेकिन पिछले साल लोकसभा चुनाव हार गए थे। यह पूछे जाने पर कि क्या माकन कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, चाको ने चुनावों के बाद विधायकों द्वारा विधायक दल का नेता चुने जाने संबंधी पार्टी के चलन का जिक्र किया। 

शीला दीक्षित की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर चाको ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से कहा है कि वह चुनाव लडऩा नहीं चाहतीं और वह पार्टी के लिए प्रचार करेंगी। वह हमारे चुनाव प्रचारकों में से एक होंगी।

 माकन ने कहा कि वह चुनौती का सामना करने को तैयार हैं और वह दिल्ली के परिवहन मंत्री के अलावा संप्रग सरकार में केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री, गृह राज्य मंत्री तथा आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री के रूप में अपने प्रदर्शन के आधार पर मतदाताओं के पास जाएंगे। 

माकन को 2001 में शीला दीक्षित सरकार में परिवहन एवं बिजली मंत्री बनाया गया था। उन्हें बिजली वितरण के निजीकरण और दिल्ली में परिवहन संबंधी बुनियादी ढांचा को मजबूत बनाने का श्रेय है। उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट पर भाजपा के जगमोहन को पराजित किया था। उन्होंने 2009 में फिर उस सीट पर जीत हासिल की। लेकिन पिछले साल वह भाजपा उम्मीदवार मीनाक्षी लेखी से हार गए।