मेरठ
पश्चिमी यूपी के 17,000 डेयरी किसानों द्वारा बनाई गई और स्वामित्व वाली संगठन ‘हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी’ का उद्घाटन केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान द्वारा किया गया

मेरठ
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान ने आज पश्चिमी यूपी के 17,000 से अधिक दूध उत्पादकों के स्वामित्व वाली इकाई ‘हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी’ (HPMPC) का उद्घाटन करते हुए कहा की सरकार किसानो द्वारा खुद का संगठन बनाने की पहल में उनका समर्थन करेगी।

डॉ. बालियान ने कहा कि सरकार एचएमपीपीसी को इस प्रकार वर्णित करने वाली पहलों का समर्थन करेगी, “यह एक नयी सहकारी संस्था की तरह है …यह एक कंपनी नहीं … वास्तव में यह एक किसान संगठन है … इसमें राजनीति या भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है … ऐसी संस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा जिससे की वे हैं किसानों के हित में काम करें।”

सरकार का ध्यान देशी दूध देने वाले पशुओं से उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर है और इस उद्देश्य के लिए पूरे देश में किसानों को मुफ्त में कृत्रिम गर्भाधान प्रदान किया जाएगा। सरकार 4500 पशु चिकित्सा एम्बुलेंस भी उपलब्ध कराएगी, जिनमें से एक बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश की होगी, डॉ. बालियान ने कहा I

राज्य के किसानों के उत्थान के लिए उत्तर प्रदेश में ऐसी 4 अन्य संस्थाओं – वाराणसी, अमेठी, रायबरेली और बुंदेलखंड की सुविधा के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की सराहना करते हुए डॉ. बालियान ने कहा कि केंद्र सरकार का ध्यान कृषि क्षेत्रों के विकास पर है जहां बजटीय आवंटन 2014 में 22000 करोड़ रुपये से 132,000 करोड़ रुपये है। दूध पशुओं की स्वदेशी नस्लों की उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

अपने सदस्यों/शेयरधारकों से गुणवत्तापूर्ण दूध प्राप्त करने के उद्देश्य से एचपीएमपीसी कि स्थापना 26 अक्टूबर, 2021 को किया गयाI यह पहल कंपनी अधिनियम, 2013 में निहित प्रावधानों के आधार पर है जिसमे व्यावसायिक उद्यम को सहकारिता के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन द्वारा अपनाए गए सिद्धांतों के समान पारस्परिक सहायता सिद्धांतों पर चलने में सक्षम बनाता है।

इस अवसर पर राजेन्द्र अग्रवाल, लोकसभा सदस्य, विजय पाल सिंह तोमर, राज्यसभा सदस्य, भोला सिंह, लोकसभा सदस्य, कान्ता कर्दम, राज्यसभा सदस्य और प्रदीप कुमार चौधरी, लोकसभा सदस्य, साथ ही सुरेंद्र सिंह, मंडलायुक्त, मेरठ उपस्थित थे, जिन्होंने इस अवसर पर सराहनीय सामूहिकता और उद्यमी पहल के लिए क्षेत्र के दुग्ध किसानों की भरपूर प्रशंसा की।

9 राज्यों में किसानों द्वारा बनाई गई ऐसी संस्थाओं की सूचि में यह हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी ऐसा 19 वां संगठन है। ये उत्पादक कंपनियां सामूहिक रूप से लगभग 7.5 लाख डेयरी किसानों के स्वामित्व में हैं, जो प्रति दिन 40 लाख लीटर से अधिक दूध संकलन करती हैं। उद्घाटन के क्रम से पहले ही, एचपीएमपीसी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 7 जिले मुज़फ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, सहारनपुर, हापुड़, शामली और बिजनौर के 1400 से अधिक गांवों में अपना विस्तार कर, वर्तमान में प्रतिदिन 150,000 लीटर दूध एकत्र कर रही है। अगले 5 वर्षों में यह संस्था 1.5 लाख दूध किसानो को जोड़ते हुए प्रतिदिन 5 लाख लीटर दूध संकलित करते हुए 1000 करोड़ रुपयों के व्यापर लक्ष्य को प्राप्त करेगी।

राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज (एनडीएस) ने इस नए संगठन को जो की किसान शेयरधारकों द्वारा आपस में चुने गए निदेशक मंडल द्वारा शासित, और एक प्रोफेशनल टीम द्वारा व्यवस्थित है, को सुविधा और तकनीकी सहायता प्रदान की है|

इस अवसर पर बात करते हुए, राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष मीनेश शाह ने कहा एनडीडीबी परिवार डेयरी किसानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनाने और उनके चेहरे पर एक स्थायी मुस्कान लाने के लिए हर दिन तत्पर है। एनडीडीबी और उसकी सहायक कंपनियां एनडीडीबी डेरी सर्विसेज और मदर डेयरी ने माननीय मंत्री जी के प्रयासों को सकारातमक रूप प्रदान करने में मदद कर रही हैI देश भर के राज्यों जैसे राजस्थान गुजरात, आंध्र प्रदेश, पंजाब, बिहार और उत्तर प्रदेश में किसानों के स्वामितित्व वाली 19 संस्थाएं बनायीं हैंI विगत वर्ष के दौरान इन संस्थाओं ने लगभग 40 लाख लीटर दूध का प्रतिदिन संकलन किया है और लगभग 5600 crore रुपयों का दुग्ध व्यापर किया हैI इससे करीब 7 लाख से ज्यादा परिवारों, जिसमे 70% महिला सदस्य हैं, को लाभ मिला हैI

इन प्रयासों में मदर डेयरी एक अग्रिम कड़ी के रूप में जुडी है और किसानो द्वारा संकलित दूध को उपभोगताओं तक पहुंचने की अहम् भूमिका निभा रही है, ताकि ये सुविधा किसानों को साल भर मिलती रहेI मदर डेयरी ने हरित प्रदेश संस्था को स्थापित करने के लिए हर संभव मदद की है, इससे इस इलाके के ग्रामीण विकास को मदद मिली हैI

उन्होंने कहा, आने वाले 5 वर्षों में एचपीएमपीसी का लम्बा विकास होगा और संपूर्ण डेरी चैत्र के विकास के लिए एनडीडीबी मंत्री जी के मार्गदर्शन में कई और कार्य कर रही है जिसमे मुजफ्फरनगर जिले के दस गाँवों में 120 बायो गैस प्लांट और सामूहिक सत्तर पर स्लरी प्रोसेसिंग सेंटर भी शामिल हैI

एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज (एनडीएस) के प्रबंध निदेशक, डॉ सौगत मित्रा ने बताया कि एमपीसी की पहल ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी केंद्रित है। कृत्रिम गर्भाधान और अन्य विकसित प्रौद्योगिकियों के अलावा पशु आहार और क्षेत्र विशिष्ट खनिज मिश्रण के लिए एक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करके दूध उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए दूध किसानों की मदद करने के लिए एनडीएस 2009 में अस्तित्व में आया था। नवगठित संगठन के साथ, प्रति दिन औसतन 40 लाख लीटर संग्रह करते हुए 100 से अधिक जिलों में संचालित 19 संस्थाओं के निर्माण में एनडीएस प्रमुख भूमिका निभाई है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक डेयरी परिवार की आय के स्तर को बढ़ाकर आर्थिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान के साथ-साथ भारत के ग्रामीण परिदृश्य में एक सामाजिक परिवर्तन लाना है।”

समारोह के शुरुआत में संगठन के अध्यक्ष कपिल भारद्वाज ने माननीय मंत्री महोदय, माननीय सांसदगण एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से क्षेत्र के हजारों दूध किसानों के आर्थिक उत्थान में निश्चित रूप से मदद मिलेगी। डॉ. हितेश पूनिया, मुख्य कार्यकारी, एचपीएमपीसी ने इस ऐतिहासिक दिन पर किसानों की इस पहल के लिए डॉ. बालियान को उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और साथ ही वादा किया कि यह संगठन इस क्षेत्र और राज्य में एक प्रमुख डेयरी दिग्गज के रूप में उभरेगी।