लखनऊ:
कांग्रेस सांसद, उप नेता, राज्य सभा प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर तंज कसते हुये कहा कि दरअसल वन नेशन वन इलेक्शन की उसकी सोच चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की तरह वन पार्टी वन लीडर वन नेशन की देश पर तानाशाही थोपने का एक और घातक प्रयास है। कांग्रेस संसदीय दल के नेता श्री अधीर रंजन चैधरी जी के अलग होने के निर्णय को सही ठहराते हुये कहा कि इस कमेटी का जो स्वरूप सामने आया है वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला है।

वहीँ अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर के उदघाटन के कार्यक्रम को राजनैतिक स्वरूप दिये जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा है कि किसी भी मंदिर का उदघाटन सनातन धर्म की आस्था तथा विश्वास से जुड़ा रहता है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर से हिन्दू समुदाय की पवित्र आस्था जुडी हुई है। अतः वहां भगवान श्रीराम के मंदिर का उदघाटन भी सनातन धर्म की परम्परा के अनुसार वैदिक रीति रिवाज से शुद्ध वातावरण में किया जाना चाहिए।

श्री तिवारी ने कहा है कि वैदिक परम्पराओं के अनुसार मंदिर के उदघाटन के कार्यक्रम का सम्पूर्ण दारोमदार वहां पूजा करने वाले पुजारियों, पण्डितों और ब्राहम्णों पर छोड़ा जाना चाहिए। वैदिक परम्परा के तहत होने वाले उदघाटन कार्यक्रम में कोई भी शामिल हो यह विषय नहीं है। श्रीराम मंदिर का उदघाटन किसी राजनैतिक दल के नेता से कराने पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में गलत इसका संदेश जाएगा।

श्री तिवारी ने कहा कि यदि मंदिर के उदघाटन के कार्यक्रम को राजनैतिक स्वरूप दिया जाता है तो इसका उदघाटन देश की महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा कराया जाना चाहिए। उन्होनें उदाहरण देते हुए कहा कि सोमनाथ के भव्य मंदिर का भी उदघाटन वर्ष 1951 में देश के तत्कालीन राष्ट्रपति डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद से कराया गया था, यही परम्परा अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के उदघाटन कार्यक्रम का भी सर्वमान्य स्वरूप जनता के सामने ले आएगा।
प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी को श्रीराम मंदिर के उदघाटन के लिए आमंत्रण पर स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा शुरू से ही धर्म का राजनैतिक लाभ लेने के लिए दुरूपयोग करती आ रही है।