Tag Archives: rajendra sharma

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चार सौ पार” के डरावने सपने

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) जैसा कि आसानी से अनुमान लगाया जा सकता था, अपने लोकसभा सदस्य, अनंत कुमार हेगड़े के बयान से भाजपा ने किनारा कर लिया है। कर्नाटक से भाजपा के
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पब्लिक के डबल मज़े, डेमोक्रेसी भी, तानाशाही भी!

(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा) अब तो मोदी जी के विरोधियों को भी झख मारकर मानना ही पड़ेगा; मोदी जी अपने भारत को वाकई डेमोक्रेसी की मम्मी बना दिए हैं। अब तो वी-डेम
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120 हराओ, देश बचाओ!

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) पटना के गांधी मैदान की इंडिया गठबंधन की ऐतिहासिक रैली में, समाजवादी पार्टी के मुखिया, अखिलेश यादव ने जब ‘भाजपा हराओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ, ‘120
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भ्रष्टाचार न भवति!

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) “दस साल में पीएम मोदी पर 10 पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप भी नहीं।” अगर इस बयान की पृष्ठभूमि इतनी विडंबनापूर्ण नहीं होती, तो मोदी राज में निर्विवाद
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डंका बजते-बजते फटने की गारंटी

(व्यंग्य :राजेंद्र शर्मा) भई कोई कुछ भी कहे, दुनिया में डंका तो बज रहा है। और कैसे नहीं बजता। जब मोदी जी बजवा रहे हैं, तो डंका तो बजना ही था। आखिर,
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मोदी जी के राम राज्य में स्वागत है!

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) “सिर्फ (राम) मंदिर ही नहीं बना है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दस साल में व्यावहारिक रूप से राम राज्य की अवधारणा को लागू कर दिया है।” ये
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विदाई 17वीं लोकसभा की या संसदीय व्यवस्था की

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) संसदीय जनतांत्रिक व्यवस्था में अगर कार्यपालिका या सत्ताधारी, संसद पर अपनी मनमर्जी थोपने में समर्थ हो, तो इसे संसदीय व्यवस्था का अंत ही माना जाना चाहिए। इसके बाद,
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दिल जीतना सीखो जी!

(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा) पता है, अपने मोदी जी एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों के दिलों पर क्यों राज करते हैं? मीडिया को गोदी में बैठा के? — ना। विपक्ष को डरा
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यूपी तो है ही नंबर वन!

(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा) धनखड़ साहब गलत थोड़े ही कहेंगे। वह भी गौतम बुद्ध के नाम वाली यूनिवर्सिटी के डिग्रीधारी स्टूडेंट्स के बीच। यूपी है ही नंबर वन। यानी पहले की नहीं
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न्याय संहिता के अन्याय को परिवहन मजदूरों की चुनौती

(आलेख : राजेंद्र शर्मा) मोदी सरकार द्वारा हाल में पारित कराए गए कथित ‘‘नये’’ अपराध कानूनों में, जिनका औपनिवेशिक कानूनों से ‘‘मुक्ति’’ के रूप में खूब ढोल पीटा जा रहा है, अब