हाल के वर्षों में भारत में लोकतंत्र के स्वास्थ्य को लेकर बहस तेज़ हुई है। स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के क्षरण संबंधी चिंताएँ न तो हाशिए की हैं और न ही केवल दलगत
एस आर दारापुरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट 20वीं सदी के उत्तरार्ध में कांशीराम का उदय भारत की दलित और बहुजन राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। डॉ. बी.आर. आंबेडकर द्वारा
कविता अय्यर (मूल अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद: एस आर दारापुरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट) [अपनी नई किताब ‘द कास्ट कॉन सेंसस’ में भारत की स्वतंत्रता-पूर्व जनगणना के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए, नागरिक
डा. अंबेडकर दलित राजनीति के जनक माने जाते हैं। उन्होंने ही सबसे पहले 1936 में स्वतंत्र मजदूर पार्टी, 1942 में शैडयूलड कास्ट्स फेडरेशन और 1956 में रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया (आरपीआई) बनाई
आनंद तेलतुंबडे (मूल अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद: एस आर दारापुरी आईपीएस (से.नि.) पारंपरिक कहानी RSS को मुख्य रूप से हिंदू-मुस्लिम दंगों और मुस्लिम प्रभुत्व के कथित खतरे के जवाब में गठित होने
एस आर दारापुरी आईपीएस (से. नि.) हाल में राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड बयूरो द्वारा भारत में अपराध – 2023 रिपोर्ट काफी विलंब से जारी की गई है। इसमें दलितों के विरुद्ध अपराध के
एस आर दारापुरी आईपीएस (से. नि.) (14 अक्तूबर को दीक्षा- दिवस पर विशेष) डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा 14 अक्टूबर, 1956 को नागपुर में एक सामूहिक कार्यक्रम में दलितों (जिन्हें पहले भारत की
एसआर दारापुरी, आई.पी.एस. (सेवानिवृत्त) भारत के वस्तुतः हिंदू राष्ट्र बनने की अवधारणा—एक ऐसा राष्ट्र जहाँ शासन, कानून और समाज में हिंदू पहचान और मूल्यों को प्राथमिकता दी जाती है—राजनीतिक और सामाजिक विमर्श
(मूल अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद: एस आर दारापुरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट) आज भारत में, प्यार और दोस्ती को निजी दायरे से निकालकर राजनीति के मैदान में फेंक दिया गया
भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की सफलताएँ नरेंद्र मोदी 2014 से भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं और अपनी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कम बहुमत के