एक भी स्कूल का विलय मंजूर नहीं: भाकपा (माले)
लखनऊ
भाकपा (माले) ने 50 से ऊपर छात्र संख्या और एक किमी से अधिक दूरी वाले स्कूलों का विलय नहीं करने के बेसिक शिक्षा मंत्री की घोषणा पर कहा है कि एक भी स्कूल का विलय मंजूर नहीं है। पार्टी ने स्कूलों के मर्जर के बजाय नए स्कूल खोलने और सुविधाओं को अपग्रेड कर छात्रों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहन अभियान चलाने की मांग की है।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि शिक्षा के अधिकार पर हमला सहन नहीं करेंगे। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के नाम पर और मर्जर की आड़ में स्कूलों की बंदी एक तिहाई निरक्षर आबादी वाले प्रदेश में शिक्षा के अधिकार पर हमला है। स्कूलों का विलय गरीबों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने और शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देने की साजिश है। 50 नामांकन से ज्यादा या कम, मर्जर के आदेश को जनहित में टुकड़ों के बजाय संपूर्णता में वापस लेना होगा। अन्यथा इसके खिलाफ विरोध को और तेज किया जाएगा।