लखनऊ
लक्ष्य की लखनऊ टीम ने बोधिसत्व बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के 66 वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर लखनऊ में स्थित सामाजिक परिवर्तन स्थल पर पहुंचकर अपने मसीहा को श्रद्धा के सुमन अर्पित करके नमन किया और बाबा साहब के सम्मान में जोरदार नारे लगाए तथा उनके संघर्ष को याद करके उनकी शिक्षाओं पर चलने का संकल्प लिया | इस अवसर पर लखनऊ के सामाजिक परिवर्तन स्थल पर बहुजन समाज के लाखों लोग पहुंचे तथा उन्होंने अपने मसीहा को नमन किया |

बोधिसत्व बाबा साहब डॉ बी आर आंबेडकर ने विश्व की सबसे कठोरतम लड़ाई लड़ी और हजारों वर्षों से देश में व्याप्त तरह तरह की बीमारी जो इंसान को जानवर वाली जिंदगी जीने के लिए मजबूर कर रहीं थी उनका अंत किया | देश में कट्टरपन्थियों से लोहा लेकर बहुजन समाज व महिलाओं को मानवता वाला जीवन दिया अर्थात् बोधिसत्व डॉ बी आर आंबेडकर ने ऊंचनीच, भेदभाव व छुआछूत की बीमारी को संविधान के माध्यम से समाप्त करके देश में स्वतंत्रता,समानता व भाईचारा स्थापित किया | वे कभी भी अपने मार्ग से भटके नहीं तथा उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया, विश्व के करोड़ों करोड़ों लोग उनकी क़ाबलियत का लोहा मानते है और उनके द्वारा मानवता क्षेत्र में किये गए कार्यों के सामने नतमस्तक होते है। यह बात लक्ष्य की महिला कमांडरों ने अपने सन्देश में कही |

लक्ष्य कमांडरों ने बहुजन समाज के लोगों से आवाह्न करते हुए कहा कि वास्तव में बदलाव चाहते हो तो अपने को बदलना होगा और बाबा साहब के बताये मार्ग पर चलना होगा, तर्कपूर्ण होना होगा, शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी, अंधविश्वास व पाखण्ड से बचना होगा, संघर्ष को ही अपना मुख्य लक्ष्य बनाना होगा, बहुजन समाज के एक एक व्यक्ति को जागरूक करना होगा, चुनाव के समय सौदेबाजी तथा जुमलेबाजी वालों से बचना होगा, वोट के सही इस्तेमाल से सही लोगों का चुनाव करना होगा, स्वार्थ व स्वार्थी नेताओं से कोसो दूर रहना होगा तभी बदलाव संभव हो पायेगा अर्थात् बाबा साहब के संघर्ष को जानलो बदलाव हो जायेगा |