हमीरपुर:
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुमेरपुर में सोमवार को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाकर नशे की गिरफ्त में जकड़े मरीजों का उपचार कर काउंसिलिंग की। कैंप में कुछ मरीज ऐसे भी आए जो नशा छोड़ना चाहते हैं, मगर छोड़ नहीं पा रहे है। एक मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे मेंटल हॉस्पिटल आगरा में उपचार कराने की सलाह दी गई।

इस कैंप में पंद्रह से अधिक मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराकर डॉक्टरों से परामर्श लिया। कुछ मरीजों को दवाओं के साथ ही उनके पूरे परिवार की काउंसिलिंग की गई। जिला अस्पताल के मनकक्ष की साइको थेरिपिस्ट डॉ.नीता ने बताया कि कैंप में सुमेरपुर कस्बे का 40 वर्षीय युवक अपनी नशे की लत को छोड़ने की सलाह लेने आया था। युवक पेशे से ड्राइवर है और करीब 15 सालों से विभिन्न प्रकार केे नशों की गिरफ्त में है। लेकिन जब-जब उसने स्वयं से नशा छोड़ने का प्रयास किया तब-तब उसे विभिन्न प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लिहाजा इस मरीज को आगरा के मेंटल हॉस्पिटल में उपचार कराने की सलाह दी है। मरीज की पत्नी इसके लिए राजी हो गई है और वह एक-दो दिन में पति को लेकर आगरा जाएगी।

शिविर में मंदबुद्धि के बालक मरीज भी आए। जिनका चेकअप करने के बाद दवाएं दी गई और कानपुर के लिए रेफर किया गया है। इस शिविर में सुमेरपुर के एमओआईसी डॉ.तरुण पाल, मनोचिकित्सक डॉ.शशांक, डॉ.मानसी और जिला मानसिक स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।