लखनऊ:
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अगुवाई में आज समाजवादी पार्टी के विधान सभा एवं विधान परिषद के सदस्यों ने मणिपुर का मामला उठाया और इस पर तुरन्त चर्चा की मांग की। श्री अखिलेश यादव ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में महिलाओं को रोज अपमानित किया जा रहा है। मणिपुर की घटना से दुनिया भर में भारत की बदनामी हुई है। विधानसभा में महिला विधायकों ने भाजपा सरकार की हठधर्मी के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया।

समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्यों ने भी सदन के सभापति को नोटिस देकर मणिपुर प्रदेश में महिलाओं के साथ घटित नग्नता की घटना के सम्बंध में निंदा प्रस्ताव पारित करने, घटना में पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने तथा तथ्यों की जानकारी हेतु विधान परिषद के सदस्यों का प्रतिनिधिमण्डल मणिपुर भेजने की मांग की है।

मणिपुर की घटना के सम्बंध में निंदा प्रस्ताव और पीड़ित परिवारों के सांत्वना देने की मांग करने वाले विधान परिषद सदस्यों में सर्वश्री लाल बिहारी यादव, नरेश उत्तम पटेल, राजेन्द्र चौधरी, स्वामी प्रसाद मौर्य, डॉ0 मान सिंह यादव, शाहनवाज, आशुतोष सिन्हा, मुकल, जासमीर अंसारी द्वारा हस्ताक्षरित नोटिस में कहा गया है कि मणिपुर में कुकी समुदाय की महिलाओं के साथ मानवता को शर्मसार करने वाली नग्नता की घटना से सम्पूर्ण विश्व में भारत की छवि खराब हुई है।

नोटिस में कहा गया है कि देश की प्रत्येक महिलाएं भयाक्रांत है। मणिपुर की सरकार और पुलिस प्रशासन की विफलता के कारण केन्द्र की भाजपा सरकार के हस्तक्षेप की आवश्कता है। समाज में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सामूहिक रूप से सदन में निंदा की जानी चाहिए।

मणिपुर की घटना से देश भर की महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही है। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश की विधानसभा एवं विधान परिषद सदन के माध्यम से केन्द्र सरकार से तात्कालिक एवं प्रभावी कार्यवाही करने की अपेक्षा की है तथा पीड़ित परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराने के साथ उनके जख़्मों पर मरहम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा एवं विधान परिषद सदन का सामूहिक प्रतिनिधिमण्डल मणिपुर भेजे जाने की मांग की है।