असफलता से सीखना चाहिए: पीएम

असफलता से सीखना चाहिए: पीएम

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के 5वें दीक्षांत समारोह में कहा कि देश के हर नौजवान का सपना इस देश के विकास का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि आप क्या हासिल नहीं कर पाए हैं उसे भूल जाएं, उसे याद करें जिसे आपने हासिल किया है।पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि वह देश की उन सभी माताओं को नमन करते हैं, जो अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

दीक्षांत समारोह में छात्रों को टिप्स देते हुए उन्होंने कहा कि आप जो नहीं बन पाए, उसे भूल जाएं और जो बन गए हैं, उसके साथ जीने का हौसला रखें। जीवन में किसी भी मंजिल को पाने के लिए सबसे जरूरी है आपका हौसला।

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा 'आपको सोचने का तरीका बदलना होगा, रास्‍ते खुद निकल जाएंगे। बच्‍चों की कमाई से मां-बाप को हमेशा खुशी मिलती है। जब कोई राह दिखाने वाला नहीं होता है तब हमारी असल जिंदगी के संघर्ष की शुरुआत होती है। इस दौरान स्‍कूल में सिखाए गए सबक हमेशा याद आते हैं। नया करना चाहते हैं तो अपना क्षेत्र बदले और पूरे आत्‍मविश्‍वास के साथ आगे बढ़े। अपनी असफलता से घबराना नहीं, सीखना होगा। जीवन में जो लोग सफल हुए उनका इतिहास उनके संघर्ष को बताता है। सुख-सुविधाओं के बिना भी रास्‍ते निकलते हैं। '  

पीएम मोदी ने कहा 'हमें सोचना चाहिए कि किसी गरीब ने खाना के पैसे छोड़कर यहां चढ़ावा चढ़ाया। ऐसे कई लोगों से यूनिवर्सिटी चल रही है। आपको सिर्फ लेक्चरर, प्रोफेसर्स ने नहीं बल्कि कैम्पस में कई लोगों ने अच्छी सीख दी होगी। तैत्तरीय उपनिषद में दीक्षांत समारोह का जिक्र है। ये परंपरा हजारों सालों से चली आ रही है। दीक्षांत समारोह का मतलब है, जो शिक्षा मिली है, उससे समाज को बेहतर बनाने की दीक्षा लेना। हम लोगों को रास्ता निकालना आता है। इस देश के वैज्ञानिकों की ताकत देखिए, कम खर्च में मार्स मिशन को अंजाम दे दिया। अवसर से नहीं हौसले से रास्ते बनते हैं। असफलता से सीखना चाहिए। कुंठा, नाकामयाबी बोझ नहीं बननी चाहिए।'

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