गंगा-जमुनी तहजीब ही लखनऊ की पहचान है: अखिलेश

गंगा-जमुनी तहजीब ही लखनऊ की पहचान है: अखिलेश

मुख्यमंत्री ने लखनऊ महोत्सव में मुशायरे का आनन्द लिया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उर्दू समाज में भाईचारा बढ़ाने वाली तथा सम्मान देने वाली भाषा है। राज्य सरकार उर्दू के विकास के लिए कई फ़ैसले ले चुकी है और आने वाले समय में कई और फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हिन्दी और उर्दू के साथ-साथ विकास से देश को और अधिक मजबूती से जोड़ने में मदद मिलेगी। 

मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां उ0प्र0 उर्दू अकादमी तथा लखनऊ महोत्सव के तत्वावधान में आयोजित मुशायरे के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उर्दू भाषा और अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बहुत से कदम उठा रही है। राज्य सरकार द्वारा नगर विकास मंत्री श्री मोहम्मद आज़म खां के नेतृत्व में मौलाना अली जौहर के नाम पर एक विशाल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। जहाँ पर उर्दू भाषा को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। उ0प्र0 उर्दू अकादमी भी इस भाषा को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। अकादमी द्वारा अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को आई0ए0एस, आई0पी0एस0, पी0सी0एस0 जैसी प्रतियोेगी परीक्षाओं में भाग लेने के लिए तैयारी करने में मदद करने के लिए आई0ए0एस0 स्टडी सेण्टर की स्थापना की गई है, जिससे अल्पसंख्यक छात्रों को उर्दू भाषा के माध्यम से इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। उन्होंने उर्दू अकादमी द्वारा प्रस्तावित मास कम्युनिकेशन इंस्टीट्यूट की स्थापना में हर सम्भव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

मुशायरे के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करने के साथ-साथ देश-विदेश से आए मशहूर शायरों का स्वागत करते हुए श्री यादव ने कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब ही लखनऊ की पहचान है। यह शहर अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए प्रसिद्ध है। इस महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य लखनऊ की तहजीब और यहां की विरासत से लोगों को परिचित कराना है। लखनऊ कला, संस्कृति और साहित्य का एक उत्कृष्ट केन्द्र पहले भी रहा है और अब ये और मजबूती के साथ इस क्षेत्र में उभर रहा है। प्रदेश सरकार साहित्य, कला, संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा इनसे जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहन देने का काम कर रही है।  

इससे पूर्व, कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत एक पौधा भेंट कर किया गया। उन्होंने मुशायरे की शमा भी रोशन की। मुशायरे के आयोजकों द्वारा उन्हें एक स्मृति चिन्ह् भी भेंट किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विदेश से आए एक शायर को मौलाना आजाद द्वारा लिखित अलहिलाल पुस्तक की प्रतियां भेंट कीं।

कार्यक्रम को लोक निर्माण मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव, नगर विकास मंत्री श्री मोहम्मद आज़म खां तथा उर्दू अकादमी के चेयरमैन श्री नवाज़ देवबन्दी ने भी सम्बोधित किया। मुशायरे की सदारत श्री शिवपाल सिंह यादव ने की। 

इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल अजीज़ कुरैशी, राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी तथा जिलाधिकारी राज शेखर सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

Lucknow, Uttar Pradesh, India