हमें अनुसंधानों में नवीनता लानी है:  डॉ मधु दीक्षित

हमें अनुसंधानों में नवीनता लानी है: डॉ मधु दीक्षित

सीएसआईआर.सीडीआरआई  में धूमधाम से मनाया गया 67 वां गणतंत्र दिवस

सीएसआईआर.सीडीआरआई  में 67 वां  गणतंत्र दिवस आयोजित किया गया।  इस अवर पर संस्थान की निदेशिका डॉ मधु दीक्षित ने सभी वैज्ञानिकों शोध छात्रों  एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी एवं अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे गणतन्त्र ने वैज्ञानिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में बहुत प्रगति कर ली है, किन्तु बदलती हुई आकांक्षाओं और आवश्यकताओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए हमें अपने प्रयासों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तित करना है। हम स्वतन्त्रता के तुरन्त पश्चात् स्थापित किये गए वैज्ञानिक संस्थान से की जा रही उम्मीदों से पूरी तरह से अवगत हैं। विज्ञान आर्थिक समृद्धि को आगे ले जाने वाले इंजन के समान है और राष्ट्र हमसे हमारे अनुसंधान कार्यों की दिशा का स्वावलोकन करने और समाज को प्रभावशाली योगदान देने के लिये आवश्यक संशोधन किये जाने की आशा रखता है। 

सीडीआरआई की प्रगति बहुत उत्कृष्ट रही और इन वर्षों में बेसिक रिसर्च में योगदान के साथ.साथ उच्च गुणवत्ता के जन.संसाधन को तैयार करने का कार्य हमारे संस्थान ने किया है। विज्ञान वैश्विक है। हमें अपनी सोच को बदलना है,समकालीन समस्याओं पर काम करना प्रारंभ करना हैए कोई परियोजना तैयार करने से पहले लक्ष्य केन्द्रित सवाल उठाने हैं और अनुसंधान को दोहराने से बचना हैए उसमें नवीनता लानी है। विज्ञान ऐसा विषय है जहां योजनाए तीव्र उत्साहए समर्पण और कठिन परिश्रम सभी कुछ आवश्यक है। मेरा अपने सहयोगियों और युवा छात्रों से अनुरोध हैः परिश्रमशील ज्ञान के प्रति उत्सुक और कार्य के प्रति उत्साही बनना होगा। 

मुझे यह घोषणा करते हुए हर्ष है कि 2015 में हमने 3.5 औसत इम्पैक्ट फैक्टर सहित 422 शोध.पत्र प्रकाशित किये। हमने एक हर्बल बोन हेल्थ प्रिपरेशन को लाईसेन्स दिया है जो शीघ्र ही बाजार में उपलब्ध होगा। मैं इसके लिये कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, टेक्नीशियन और शोध छात्रों की टीम को बधाई देती हूँ। मै सम्मेलनों आदि में शोधकर्ताओं द्वारा प्राप्त सम्मान के प्रति धन्यवाद देती हूँ। डाॅ0 समन हबीब इण्डियन एकैडमी आॅफ साइंसेजए बंगलौर की फेलो चुनी गई हैंए डाॅ अनुराधा दुबे और मैने स्वयं सर जे0सी0बोस नैशनल फेलोशिप प्राप्त की है। सभी को मेरी बधाई।

नया परिसर पूर्ण रूप से कार्य करने लगा है और हमको एलडीए का अधिकार प्रमाण.पत्र प्राप्त हो गया है। अब आगे बढ़ना और अतिरिक्त संयोजन की योजना बनाना भी संभव है। अपने अनुसंधान को ट्रान्स जेनिक जन्तु सुविधा द्वारा सहायता देने के लिये हम परिसर में ही जीएलपी प्रमाणित जन्तु सुविधा की योजना बना रहे हैं और हेडक्वार्टर से अनुमोदन और फंड के लिए एक डीपीआर तैयार किया जा रहा है। हम रेगुलेटरी फार्माकोलाॅजी और सीमित विषालुता अध्ययनों तथा फार्माकोकायनेटिक्स एवं फार्मास्युटिकल (औषधि निर्माण) हेतु जीएलपी अधिकार पत्र प्राप्त करने के लिए द्रुतगति से कदम बढ़ा रहे हैं। हम रिक्त वैज्ञानिक पदों को शीघ्र ही भरने जा रहे हैं। 21 पदों के लिये वैज्ञानिकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है और तकनीकी भर्तियां शीघ्र ही प्रारंभ होगी। हम परिसर में ही कार्यशालाएं आयोजित कर रहे हैं और परिसर का वैज्ञानिक वातावरण सुधारने के लिए कदम उठा रहे हैं। हमारे छात्रों के हाॅस्टल में उनको वाई.फाई की सुविधा उपलब्ध है और भविष्य में अन्य आवासीय क्षेत्रों में भी उपलब्ध करा दिया जाएगा। हम सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की ओर भी कार्य कर रहे हैं। हमारी कैण्टीन 250 व्यक्तियों को प्रतिदिन नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराती है हमने देर तक चलने वाले चाय काउण्टर खोले हैं और शीघ्र ही नियमित स्थायी सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। मैं एक इंट्रानेट आधारित मैकेनिज्म संचालित करने के लिए कदम उठाने का प्रयास कर रही हूँ जो विशेष रूप से शोध छात्रों के लिये होगीए जहां वे किसी भी प्रकार से प्रताडि़त किये जाने की सूचना दे सकेंगे। चिन्हित किये गये सीनियर स्टाफ इन मामलों को देखेंगे और उपचार हेतु उपाय करेंगे।

हमारी समस्त प्रगति और उपलब्धियां संभव नहीं थी यदि आपमें से हर एक ने संपूर्ण हृदय से अपना सहयोग नहीं दिया होता। मैं आप सबको धन्यवाद देती हूं सीडीआरआई हम सबका सामूहिक प्रतिनिधित्व है। हमें अपने योगदान पर गर्व होना चाहिए चाहे वह कितना छोटा ही क्यांे न हो। हमें इस गणतन्त्र दिवस पर स्वयं को पुनः गढ़ने की जरूरत है

Lucknow, Uttar Pradesh, India