शिथिलता बरतने वाले जन सूचना अधिकारी दण्डित होंगे: जावेद उस्मानी

शिथिलता बरतने वाले जन सूचना अधिकारी दण्डित होंगे: जावेद उस्मानी

लखनऊ: उ0प्र0 राज्य सूचना आयोग के मुख्य राज्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने राज्य सूचना आयोग, उ0प्र0 प्रशासनिक सुधार विभाग तथा उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के सभागार में आयोजित लखनऊ स्थित शासकीय विभागों राजभवन सचिवालय, मुख्यमंत्री सचिवालय, नागरिक उड्डयन विभाग, मुख्य सचिव कार्यालय तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उ0प्र0 शासन लखनऊ के जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आर0टी0आई0 एक्ट के तहत आवेदकों द्वारा माँगी जाने वाली सूचनाओं  को निर्धारित अवधि 30 दिन में देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार नियमावली-2015 में उल्लिखित प्राविधानों के तहत जन सूचना अधिकारियों, प्रथम अपीलीय अधिकारियों को कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सूचना आयोग द्वारा शिथिलता बरतने वाले जन सूचना अधिकारियों को दण्डित भी किया जायेगा।

श्री उस्मानी ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 एवं उ0प्र0 सूचना का अधिकार नियमावली-2015 के संबंध में जानकारी प्रदान करना है, जिससे उक्त अधिनियम के अन्तर्गत शासकीय कार्यालयों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा सके। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात् जन सूचना अधिकारी/प्रथम अपीलीय प्राधिकारी, आवेदकों को सही व पूर्ण सूचना निर्धारित समयावधि में सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे तथा आवेदनों से संबंधित अभिलेखों का रख-रखाव भी सही तरीके से कर सकेंगे।

श्री उस्मानी ने बताया कि उ0प्र0 सूचना का अधिकार नियमावली दिसम्बर, 2015 में प्रख्यापित हुई है। यह नियमावली सूचना का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत सूचना प्राप्त करने और आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रारम्भ से अन्त तक चरणबद्ध व तर्कसंगत रूप से स्थापित करती है अतः इसके संबंध में सभी जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों को जागरूक करना आवश्यक है। प्रशिक्षण दिये जाने हेतु मास्टर ट्रेनर्स चिन्हित किये गये हैं जिन्हें ‘प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण’ कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि जन सूचना अधिकारियों/प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों हेतु एक हस्तपुस्तिका तैयार की गयी हैं, जिसमें सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (हिन्दी एवं अंग्रेजी में), उ0प्र0 सूचना का अधिकार नियमावली, 2015 (हिन्दी एवं अंग्रेजी में), प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी मार्गदर्शिका एवं सूचना का अधिकार से संबंधित सुसंगत शासनादेशों का संकलन है। यह हस्तपुस्तिका प्रशिक्षणार्थियों के लिये अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जन सूचना अधिकारियों/प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों के ज्ञान और कौशल स्तर में अभिवृद्धि होगी और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का प्रभावी कार्यान्वयन सम्भव होगा।

मुख्य सूचना आयुक्त श्री जावेद उस्मानी ने मास्टर ट्रेनर राजीव टिंगल, राजेश मेहतानी, एम0एस0 रायजादा, जगन्नाथ, डा0 विपिन कुमार, डा0 राहुल सिंह, विधि अधिकारी, आफताब आलम, डा0 जमील अहमद, शील अस्थाना, संध्या भदौरिया, निर्मल उप्रेती को प्रशिक्षण कार्यक्रम में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व मुख्य राज्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी एवं प्रमुख सचिव प्रशासनिक सुधार श्री एस0एन0 शुक्ल का हार्दिक स्वागत उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी उ0प्र0 के महानिदेशक नेतराम ने पुष्पगुच्छ देकर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन अपर निदेशक अमृता सोनी ने किया।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव प्रशासनिक सुधार एस0एन0 शुक्ल, उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक नेतराम, अपर निदेशक अमृता सोनी एवं राकेश वर्मा, राज्य सूचना आयोग के सचिव जे0पी0 सिंह, विधि अधिकारी श्री आफताब आलम एवं सहायक सूचना निदेशक बी0एल0 मौर्य सहित समस्त जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित थे।

Lucknow, Uttar Pradesh, India